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50 हजार के इनामी पूर्व एसपी तक नहीं पहुंच सकी पुलिस
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महोबा। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में फरार 50 हजार के इनामी पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार का घटना के पांच महीना 10 दिन बाद भी पता नहीं चला है। महोबा के साथ ही प्रयागराज के एसपी क्राइम के साथ ही एसटीएफ की टीम भी अब तक मणिलाल पाटीदार को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
कबरई कस्बा निवासी इंद्रकांत त्रिपाठी आठ सितंबर 2020 को गोली लगने से घायल हो गए थे। 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। घटना से एक दिन पहले सात सितंबर को इंद्रकांत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, कबरई थानाध्यक्ष रहे देवेंद्र कुमार शुक्ला, सिपाही अरुण यादव और दो व्यापारियों पर वसूली और धमकी देने का आरोप लगाया था। मामले में कबरई थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार को छोड़कर बाकी आरोपी जिला कारागार लखनऊ में निरुद्ध हैं। आईजी चित्रकूट धाम मंडल ने फरार मणिलाल पाटीदार पर 50 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा है। इसके बाद से महोबा जिले की पुलिस, घटना की विवेचना कर रहे प्रयागराज के एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा के साथ ही एसटीएफ की टीम अभी तक फरार पूर्व एसपी को गिरफ्तार करना तो दूर उनका सुराग भी नहीं लगा सकी है।
इधर, इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस जान बूझकर मणिलाल पर शिकंजा नहीं कस रही है। विवेचक प्रयागराज के एसपी क्राइम ने 13 दिसंबर को सीआरपीसी की धारा 82 के तहत कोर्ट के आदेश प्राप्त कर राजस्थान जाकर मणिलाल के पैतृक आवास में कुर्की की कार्रवाई की नोटिस चस्पा किया था। नियमता धारा 82 का नोटिस जारी होने के एक महीने के भीतर विवेचक धारा 83 के तहत आरोपी की संपत्ति को कुर्क कर सकते हैं, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया है।
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कबरई कस्बा निवासी इंद्रकांत त्रिपाठी आठ सितंबर 2020 को गोली लगने से घायल हो गए थे। 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। घटना से एक दिन पहले सात सितंबर को इंद्रकांत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, कबरई थानाध्यक्ष रहे देवेंद्र कुमार शुक्ला, सिपाही अरुण यादव और दो व्यापारियों पर वसूली और धमकी देने का आरोप लगाया था। मामले में कबरई थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार को छोड़कर बाकी आरोपी जिला कारागार लखनऊ में निरुद्ध हैं। आईजी चित्रकूट धाम मंडल ने फरार मणिलाल पाटीदार पर 50 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा है। इसके बाद से महोबा जिले की पुलिस, घटना की विवेचना कर रहे प्रयागराज के एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा के साथ ही एसटीएफ की टीम अभी तक फरार पूर्व एसपी को गिरफ्तार करना तो दूर उनका सुराग भी नहीं लगा सकी है।
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इधर, इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस जान बूझकर मणिलाल पर शिकंजा नहीं कस रही है। विवेचक प्रयागराज के एसपी क्राइम ने 13 दिसंबर को सीआरपीसी की धारा 82 के तहत कोर्ट के आदेश प्राप्त कर राजस्थान जाकर मणिलाल के पैतृक आवास में कुर्की की कार्रवाई की नोटिस चस्पा किया था। नियमता धारा 82 का नोटिस जारी होने के एक महीने के भीतर विवेचक धारा 83 के तहत आरोपी की संपत्ति को कुर्क कर सकते हैं, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया है।
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