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Mahoba News: दिवारी नृत्य, लाला हरदौल नाटक की प्रस्तुति से मोहा मन
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फोटो 02 एमएएचपी 04 परिचय-सांस्कृतिक मंच पर दिवारी नृत्य के हैरतअंगेज करतब दिखाते कलाकार। संवाद
महोबा। ऐतिहासिक कजली मेले में बुंदेली लोक कलाओं की धूम मची है। कीरत सागर तट पर सांस्कृतिक मंच पर कजली मेले की चौथी शाम रहस्य द म्यूजिकल बैंड दिल्ली के नाम रही। छाप तिलक सब छीनी रे मौसे नैना मिलाइके.....गीत पर दर्शक झूमने को मजबूर हो गए। दिवारी नृत्य, लोकगीत व लाला हरदौल नाटक की प्रस्तुति से कलाकारों ने सभी का मन मोह लिया। देर रात तक हजारों की संख्या में दर्शकों की भीड़ जुटी रही।
कजली मेले की चौथी शाम का शुभारंभ सीडीओ बलराम कुमार ने दीप जलाकर किया। पहली प्रस्तुति में लालता प्रसाद तिवारी ने आल्हा गायन पेश किया। इसके बाद उमाशंकर द्विवेदी, उमाशंकर सेन व सुखराम कुशवाहा ने आल्हा-ऊदल की 52 गढ़ की लड़ाइयों का वर्णन सुनाकर दर्शकों में जोश भरा। राजेश कुमार ने तमूरा वादन, माही ने सांस्कृतिक नृत्य व वंशिका गुप्ता ने घूमर नृत्य की प्रस्तुति दी। रामदीन एंड पार्टी के कलाकारों ने पुकारे बहिन चंद्रावल गीत पर शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीता।
यशवर्धन ने पियानो वादन व सुप्रिया गुप्ता ने लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। जनपद बांदा के रमेश प्रसाद पाल एंड पार्टी के कलाकारों ने दिवारी व पाई डंडा नृत्य की प्रस्तुति दी। अंत में कलाकारों ने दिवारी नृत्य करते हुए देश के नाम तिरंगा फहराया। बाल कवि रुद्रांश पचौरी ने श्रीराम की चेतावनी की प्रस्तुति दी। बेलाताल से आए गीतकार अर्शलान अंसारी ने तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी, ये जो हल्का-हल्का सुरूर है, अब एक पल चैन न आवे, लगी तुमसे से मन की लगन, सांसों की माला पे सिमरूं में पी का नाम आदि फिल्मी गीत सुनाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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सपना बुंदेली की ओर से लाला हरदौल नाटक का मंचन किया गया जिसे देखकर दर्शकर भावविभोर हो गए। अंतिम प्रस्तुति स्वरांजलि ग्रुप की ओर से रहस्य द म्यूजिकल बैंड दिल्ली की रही। गीतकारों ने हनुमान स्तुति, शिव स्तुति, मेरी झोंपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे राम आएंगे, डमर नाद पर गीत, भगवान शिव पर अगड़ बम बगड़ बम गीत आदि की प्रस्तुतियां दीं। बैंड ने मां तुझे सलाम की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम का समापन किया। संचालन शिक्षिका अपर्णा नायक ने किया। इस मौके पर सीओ रविकांत गोंड, तहसीलदार अभिषेक मिश्रा, बीएसए राहुल मिश्रा, विकास पचौरी, सभासद ललित पटेल, जावेद मंसूरी आदि मौजूद रहे।
लोकगीतों की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
आल्हा मंच पर बुंदेली संस्कृति के कार्यक्रमों की धूम है। मंगलवार की रात मऊरानीपुर से आई रामाधीन एंड पार्टी के गायक रामाधीन और विपिन के साथ दिव्या व संगीता पाल ने लोकगीतों की प्रस्तुति से समां बांधा। पल्लू लटके रे मारो पल्लू लटके, मन मोह लओ मुरलिया वाले ने, राम राजा सरकार राम राजा सरकार आदि लोक गीतों से दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। आल्हा मंच के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ ने कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
आज के मुख्य आकर्षण
कजली मेले के सांस्कृतिक मंच पर बृहस्पतिवार को रामसलीवन यादव व बलवंत सिंह का आल्हा गायन, समीक्षा व दीक्षा पटैरिया का भजन गायन, दिनेश सोनी का ढिमरयाई, कृष्ण मोहन नायक का गायन, आयुष भार्गव का गजल गायन, अंचल सोनी का भजन गायन, मोहित शुक्ला व प्रेमचंद्र दृष्टि दिव्यांग ग्रुप का गायन, रागनी श्रीवास्तव लखनऊ का कथक नृत्य व संदीप चंदेल का अमर क्रांतिकारी पंडित परमानंद के संघर्ष पर आधारित काला पानी नाट्य होगा। मुख्य आकर्षण रविंद्र सिंह ज्योति का भोजपुरी भजन संध्या रहेगी।
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कजली मेले की चौथी शाम का शुभारंभ सीडीओ बलराम कुमार ने दीप जलाकर किया। पहली प्रस्तुति में लालता प्रसाद तिवारी ने आल्हा गायन पेश किया। इसके बाद उमाशंकर द्विवेदी, उमाशंकर सेन व सुखराम कुशवाहा ने आल्हा-ऊदल की 52 गढ़ की लड़ाइयों का वर्णन सुनाकर दर्शकों में जोश भरा। राजेश कुमार ने तमूरा वादन, माही ने सांस्कृतिक नृत्य व वंशिका गुप्ता ने घूमर नृत्य की प्रस्तुति दी। रामदीन एंड पार्टी के कलाकारों ने पुकारे बहिन चंद्रावल गीत पर शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीता।
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यशवर्धन ने पियानो वादन व सुप्रिया गुप्ता ने लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। जनपद बांदा के रमेश प्रसाद पाल एंड पार्टी के कलाकारों ने दिवारी व पाई डंडा नृत्य की प्रस्तुति दी। अंत में कलाकारों ने दिवारी नृत्य करते हुए देश के नाम तिरंगा फहराया। बाल कवि रुद्रांश पचौरी ने श्रीराम की चेतावनी की प्रस्तुति दी। बेलाताल से आए गीतकार अर्शलान अंसारी ने तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी, ये जो हल्का-हल्का सुरूर है, अब एक पल चैन न आवे, लगी तुमसे से मन की लगन, सांसों की माला पे सिमरूं में पी का नाम आदि फिल्मी गीत सुनाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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सपना बुंदेली की ओर से लाला हरदौल नाटक का मंचन किया गया जिसे देखकर दर्शकर भावविभोर हो गए। अंतिम प्रस्तुति स्वरांजलि ग्रुप की ओर से रहस्य द म्यूजिकल बैंड दिल्ली की रही। गीतकारों ने हनुमान स्तुति, शिव स्तुति, मेरी झोंपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे राम आएंगे, डमर नाद पर गीत, भगवान शिव पर अगड़ बम बगड़ बम गीत आदि की प्रस्तुतियां दीं। बैंड ने मां तुझे सलाम की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम का समापन किया। संचालन शिक्षिका अपर्णा नायक ने किया। इस मौके पर सीओ रविकांत गोंड, तहसीलदार अभिषेक मिश्रा, बीएसए राहुल मिश्रा, विकास पचौरी, सभासद ललित पटेल, जावेद मंसूरी आदि मौजूद रहे।
लोकगीतों की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
आल्हा मंच पर बुंदेली संस्कृति के कार्यक्रमों की धूम है। मंगलवार की रात मऊरानीपुर से आई रामाधीन एंड पार्टी के गायक रामाधीन और विपिन के साथ दिव्या व संगीता पाल ने लोकगीतों की प्रस्तुति से समां बांधा। पल्लू लटके रे मारो पल्लू लटके, मन मोह लओ मुरलिया वाले ने, राम राजा सरकार राम राजा सरकार आदि लोक गीतों से दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। आल्हा मंच के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ ने कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
आज के मुख्य आकर्षण
कजली मेले के सांस्कृतिक मंच पर बृहस्पतिवार को रामसलीवन यादव व बलवंत सिंह का आल्हा गायन, समीक्षा व दीक्षा पटैरिया का भजन गायन, दिनेश सोनी का ढिमरयाई, कृष्ण मोहन नायक का गायन, आयुष भार्गव का गजल गायन, अंचल सोनी का भजन गायन, मोहित शुक्ला व प्रेमचंद्र दृष्टि दिव्यांग ग्रुप का गायन, रागनी श्रीवास्तव लखनऊ का कथक नृत्य व संदीप चंदेल का अमर क्रांतिकारी पंडित परमानंद के संघर्ष पर आधारित काला पानी नाट्य होगा। मुख्य आकर्षण रविंद्र सिंह ज्योति का भोजपुरी भजन संध्या रहेगी।

फोटो 02 एमएएचपी 04 परिचय-सांस्कृतिक मंच पर दिवारी नृत्य के हैरतअंगेज करतब दिखाते कलाकार। संवाद

फोटो 02 एमएएचपी 04 परिचय-सांस्कृतिक मंच पर दिवारी नृत्य के हैरतअंगेज करतब दिखाते कलाकार। संवाद

फोटो 02 एमएएचपी 04 परिचय-सांस्कृतिक मंच पर दिवारी नृत्य के हैरतअंगेज करतब दिखाते कलाकार। संवाद