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Mahoba News: 40 लाख रुपये की अनियमितता में पनवाड़ी प्रधान के अधिकार सीज
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महोबा। ग्राम पंचायत पनवाड़ी में विकास कार्यों के नाम पर 40 लाख रुपये की अनियमितता का मामला प्रशासन की पकड़ में आया है। जिला पंचायत राज अधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने सोमवार को पनवाड़ी प्रधान के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार को सीज कर दिया है।
ब्लॉक पनवाड़ी की ग्राम पंचायत पनवाड़ी में कूड़ा निस्तारण और सफाई व्यवस्था के नाम पर धनराशि का बंदरबांट किए जाने की शिकायत प्रशासन से की गई थी। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच के निर्देश दिए थे। डीपीआरओ चंद्रकिशोर वर्मा ने विस्तृत जांच करते हुए डीएम को रिपोर्ट सौंपी। इसमें अलग-अलग कार्यों के नाम पर करीब 40 लाख रुपये की अनियमितता सामने आई। इसमें सबसे बड़ा मामला सफाई व्यवस्था के नाम पर ही पकड़ में आया है।
डीपीआरओ ने बताया कि अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक 10 महीने में ग्राम पंचायत में सफाई भाड़ा के नाम पर एक ही व्यक्ति रामजीवन को 10,06,500 रुपये का भुगतान किया गया। इसी तरह अपूर्ण मास्टर रोलों के आधार पर श्रमिकों को मजदूरी के नाम पर 16,42,032 रुपये का अनियमित भुगतान किया गया। इसके अलावा 30 विकास कार्यों के अभिलेखीय सत्यापन में किसी भी फर्जीवाड़ा मिला। डीपीआरओ ने जांच के बाद ग्राम प्रधान से बिंदुवार स्पष्टीकरण मांगा और रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी।
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जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान पनवाड़ी संजय के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। उन्होंने अंतिम जांच के लिए अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे व एक्सईएन लोक निर्माण विभाग को नामित किया है। साथ ही ग्राम पंचायत के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें सुधांशु, आराधना और रामनारायण शामिल हैं।
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ब्लॉक पनवाड़ी की ग्राम पंचायत पनवाड़ी में कूड़ा निस्तारण और सफाई व्यवस्था के नाम पर धनराशि का बंदरबांट किए जाने की शिकायत प्रशासन से की गई थी। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच के निर्देश दिए थे। डीपीआरओ चंद्रकिशोर वर्मा ने विस्तृत जांच करते हुए डीएम को रिपोर्ट सौंपी। इसमें अलग-अलग कार्यों के नाम पर करीब 40 लाख रुपये की अनियमितता सामने आई। इसमें सबसे बड़ा मामला सफाई व्यवस्था के नाम पर ही पकड़ में आया है।
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डीपीआरओ ने बताया कि अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक 10 महीने में ग्राम पंचायत में सफाई भाड़ा के नाम पर एक ही व्यक्ति रामजीवन को 10,06,500 रुपये का भुगतान किया गया। इसी तरह अपूर्ण मास्टर रोलों के आधार पर श्रमिकों को मजदूरी के नाम पर 16,42,032 रुपये का अनियमित भुगतान किया गया। इसके अलावा 30 विकास कार्यों के अभिलेखीय सत्यापन में किसी भी फर्जीवाड़ा मिला। डीपीआरओ ने जांच के बाद ग्राम प्रधान से बिंदुवार स्पष्टीकरण मांगा और रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी।
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जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान पनवाड़ी संजय के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। उन्होंने अंतिम जांच के लिए अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे व एक्सईएन लोक निर्माण विभाग को नामित किया है। साथ ही ग्राम पंचायत के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें सुधांशु, आराधना और रामनारायण शामिल हैं।