{"_id":"5b35e045b3caa4d078c2d1f8f6a4d88e","slug":"open-at-ten-locations-in-the-district-center-of-straw-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में दस स्थानों पर खुले भूसा केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में दस स्थानों पर खुले भूसा केंद्र
ब्यूूराे/अमर उजाला महोबा।
Updated Thu, 14 Jan 2016 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में सूखे के बढ़ते हालात के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा जगह जगह भूसा केंद्र खोलकर पशुओं के लिए भूसा मुहैया कराया जा रहा है। भूसा केंद्रों पर प्रति पशु के हिसाब से पांच किलो भूसा मुहैया कराया जा रहा है। भूसा मुफ्त मिलने से किसानों की भारी भीड़ जुटी रही।
मालूम हो कि तीन सालों से सूखा पड़ने से जिले में फसल की पैदावार नहीं हो पा रही है। जिससे खाद्यान्न के साथ साथ चारा भूसा का संकट पैदा हो गया है। पशुओं के लिए चारा पानी न होने से पशुओं की हो रही मौत को देखते हुए जिला प्रशासन ने रैपुरा, पचपहरा, रिवई और छानी खुर्द सहित तमाम स्थानों पर भूसा केंद्र खोल दिए हैं। भूसा मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन ने गांव गांव में भूसे के ढेर लगवा दिए है। जहां पर सुबह से ही भूसा लेने वालों की भीड़ जुटी रही। ग्रामीण अंचलों में बुधवार को ट्रकों से भूसा भेजकर किसानों को भूसा दिया जा रहा है। केंद्रों में प्रति जानवर के हिसाब से पांच किलो और बच्चे के लिए ढाई किलो के हिसाब से भूसा वितरित किया गया। गांवों भूसे के ढेर देखकर ग्रामीण सुबह से बैलगाड़ियों के साथ भूसा केंद्र पर पहुंच गए। ग्राम प्रधानों को भूसे के वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व प्रधान पृथ्वी सिंह यादव ने बताया कि प्रति जानवर के हिसाब से पांच किलो भूसा पांच दिन के लिए दिया गया है। अगली खेप आने पर किसानों को भूसा दिया जाएगा। भूसा केंद्र खुलने से अन्ना पशुओं को भी भूसा मिलने लगा है। ढेरों के अलावा बचा भूसा अन्ना पशुओं को मिल रहा है।
विज्ञापन
मालूम हो कि तीन सालों से सूखा पड़ने से जिले में फसल की पैदावार नहीं हो पा रही है। जिससे खाद्यान्न के साथ साथ चारा भूसा का संकट पैदा हो गया है। पशुओं के लिए चारा पानी न होने से पशुओं की हो रही मौत को देखते हुए जिला प्रशासन ने रैपुरा, पचपहरा, रिवई और छानी खुर्द सहित तमाम स्थानों पर भूसा केंद्र खोल दिए हैं। भूसा मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन ने गांव गांव में भूसे के ढेर लगवा दिए है। जहां पर सुबह से ही भूसा लेने वालों की भीड़ जुटी रही। ग्रामीण अंचलों में बुधवार को ट्रकों से भूसा भेजकर किसानों को भूसा दिया जा रहा है। केंद्रों में प्रति जानवर के हिसाब से पांच किलो और बच्चे के लिए ढाई किलो के हिसाब से भूसा वितरित किया गया। गांवों भूसे के ढेर देखकर ग्रामीण सुबह से बैलगाड़ियों के साथ भूसा केंद्र पर पहुंच गए। ग्राम प्रधानों को भूसे के वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व प्रधान पृथ्वी सिंह यादव ने बताया कि प्रति जानवर के हिसाब से पांच किलो भूसा पांच दिन के लिए दिया गया है। अगली खेप आने पर किसानों को भूसा दिया जाएगा। भूसा केंद्र खुलने से अन्ना पशुओं को भी भूसा मिलने लगा है। ढेरों के अलावा बचा भूसा अन्ना पशुओं को मिल रहा है।
विज्ञापन