{"_id":"6261a2c5f0341070ae5b2ba9","slug":"only-three-percent-wheat-procurement-could-be-done-in-21-days-how-will-the-target-be-met-mahoba-news-knp692523833","type":"story","status":"publish","title_hn":"21 दिन में महज तीन फीसदी हो सकी गेहूं खरीद, कैसे पूरा होगा लक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
21 दिन में महज तीन फीसदी हो सकी गेहूं खरीद, कैसे पूरा होगा लक्ष्य
विज्ञापन
खरीद केंद्र अभिलेखों की जांच करते खाद्य एवं विपणन अधिकारी।
- फोटो : MAHOBA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोबा। जिले में गेहूं खरीद रफ्तार नहीं पकड़ रही है। खुले बाजार में समर्थन मूल्य से प्रति क्विंटल 100 रुपये अधिक दाम मिलने से किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर नहीं जा रहे हैं। यही कारण है कि 21 दिन में लक्ष्य के सापेक्ष महज तीन फीसदी ही गेहूं की खरीद हो सकी। ऐसे में लक्ष्य पूरा होना मुश्किल नजर आ रहा है।
एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हुई थी। किसानों का गेहूं खरीदने के लिए जिले में 40 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। शासन ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2,015 रुपये निर्धारित की गई है। गेहूं बेचने के लिए किसानों को पहले पंजीयन फिर विभिन्न कागजी कार्रवाई से गुजरना पड़ता है।
खुले बाजार में गेहूं 2,100 रुपये से अधिक बिक रहा है। ऐसे में किसान क्रय केंद्रों की वजह खुले बाजार में गेहूं बेच रहे हैं। इस बार जिले में 38 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके सापेक्ष अभी तक 1,128 एमटी ही गेहूं की खरीद हो सकी। जो लक्ष्य का करीब तीन फीसदी है।
विज्ञापन
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रामकृष्ण पांडेय ने गुरुवार को रिवई, खरेला, क्रय-विक्रय केंद्र चरखारी, पीसीएफ चरखारी, भारतीय खाद्य निगम बजरिया आदि केंद्रों का निरीक्षण कर केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए।
बताया कि किसानों को खरीद केंद्र में गेहूं बेचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। निर्धारित मूल्य से बाजार में अधिक दाम मिलने के चलते किसान केंद्र नहीं आ रहे हैं। खरीद के मामले में मंडल में हमीरपुर के बाद महोबा दूसरे स्थान पर हैं। लक्ष्य पूरा करने के प्रयास किए जा रहे है।
विज्ञापन
एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हुई थी। किसानों का गेहूं खरीदने के लिए जिले में 40 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। शासन ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2,015 रुपये निर्धारित की गई है। गेहूं बेचने के लिए किसानों को पहले पंजीयन फिर विभिन्न कागजी कार्रवाई से गुजरना पड़ता है।
विज्ञापन
खुले बाजार में गेहूं 2,100 रुपये से अधिक बिक रहा है। ऐसे में किसान क्रय केंद्रों की वजह खुले बाजार में गेहूं बेच रहे हैं। इस बार जिले में 38 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके सापेक्ष अभी तक 1,128 एमटी ही गेहूं की खरीद हो सकी। जो लक्ष्य का करीब तीन फीसदी है।
विज्ञापन
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रामकृष्ण पांडेय ने गुरुवार को रिवई, खरेला, क्रय-विक्रय केंद्र चरखारी, पीसीएफ चरखारी, भारतीय खाद्य निगम बजरिया आदि केंद्रों का निरीक्षण कर केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए।
बताया कि किसानों को खरीद केंद्र में गेहूं बेचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। निर्धारित मूल्य से बाजार में अधिक दाम मिलने के चलते किसान केंद्र नहीं आ रहे हैं। खरीद के मामले में मंडल में हमीरपुर के बाद महोबा दूसरे स्थान पर हैं। लक्ष्य पूरा करने के प्रयास किए जा रहे है।