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Mahoba News: एक माह बीता, साढ़े 17 हजार बच्चे किताबों से वंचित
Thu, 02 May 2024 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Thu, 02 May 2024 12:08 AM IST
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महोबा। नवीन शिक्षण सत्र का एक माह का समय बीत जाने के बाद भी कक्षा एक और दो के बच्चों के हाथों में किताबें नहीं पहुंचीं। बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ने को मजबूर हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी इसको लेकर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे बच्चों व उनके अभिभावकों में नाराजगी है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 848 परिषदीय स्कूल और चार कस्तूरबा आवासीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब 92 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन विद्यार्थियों को शासन की ओर से निशुल्क पाठ्य पुस्तकें मुहैया कराने का प्रावधान हैं। अभी तक परिषदीय स्कूलों के लिए कक्षा तीन से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए पुस्तकें आई हैं जबकि कक्षा एक व दो की पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति नहीं हुई है।
कक्षा एक में जिले के परिषदीय विद्यालयों में साढ़े सात हजार जबकि कक्षा दो में करीब 10 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। उधर, समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक शशांक सचान का कहना है कि कक्षा एक और दो की पाठ्य पुस्तकें शासन स्तर से अभी तक जिले में नहीं आईं। लखनऊ से पाठ्य पुस्तकें आते हैं इन्हें स्कूलों में भिजवा दिया जाएगा।
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बीआरसी में डंप कक्षा तीन से आठवीं तक की किताबें
महोबा। नवीन शिक्षण सत्र की शुरूआत में कक्षा तीन से आठवीं तक की किताबें आ गईं थीं। इन किताबों को बीएसए कार्यालय के माध्यम से बीआरसी भेजी गई हैं। स्कूलों में किताबें पहुंचाने की जिम्मेदारी बीआरसी की है। बावजूद इसके तमाम विद्यालयों में बीआरसी की ओर से किताबें नहीं भेजी गईं। जिससे कई विद्यालय में कक्षा तीन से आठवीं तक के बच्चे पाठ्य पुस्तकों से वंचित हैं।
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 848 परिषदीय स्कूल और चार कस्तूरबा आवासीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब 92 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन विद्यार्थियों को शासन की ओर से निशुल्क पाठ्य पुस्तकें मुहैया कराने का प्रावधान हैं। अभी तक परिषदीय स्कूलों के लिए कक्षा तीन से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए पुस्तकें आई हैं जबकि कक्षा एक व दो की पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति नहीं हुई है।
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कक्षा एक में जिले के परिषदीय विद्यालयों में साढ़े सात हजार जबकि कक्षा दो में करीब 10 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। उधर, समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक शशांक सचान का कहना है कि कक्षा एक और दो की पाठ्य पुस्तकें शासन स्तर से अभी तक जिले में नहीं आईं। लखनऊ से पाठ्य पुस्तकें आते हैं इन्हें स्कूलों में भिजवा दिया जाएगा।
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बीआरसी में डंप कक्षा तीन से आठवीं तक की किताबें
महोबा। नवीन शिक्षण सत्र की शुरूआत में कक्षा तीन से आठवीं तक की किताबें आ गईं थीं। इन किताबों को बीएसए कार्यालय के माध्यम से बीआरसी भेजी गई हैं। स्कूलों में किताबें पहुंचाने की जिम्मेदारी बीआरसी की है। बावजूद इसके तमाम विद्यालयों में बीआरसी की ओर से किताबें नहीं भेजी गईं। जिससे कई विद्यालय में कक्षा तीन से आठवीं तक के बच्चे पाठ्य पुस्तकों से वंचित हैं।