{"_id":"5dc5b1848ebc3e5b6e7f354e","slug":"officials-raided-the-exploitative-magazine-seas-mahoba-news-knp524668526","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकारियों ने छापामार की एक्सप्लोसिव मैग्जीन सीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकारियों ने छापामार की एक्सप्लोसिव मैग्जीन सीज
विज्ञापन
फोटो 08 एमएएचपी 10, 11 परिचय -छापामारी करते एसडीएम चरखारी व कार्रवाई दौरान सीज की गई मैग्जीन।
अधिकारियों ने छापामार की एक्सप्लोसिव मैग्जीन सीज
- टीम के ढाई घंटे खड़े रहने के बाद भी नहीं पहुंचा मैग्जीन संचालक
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। एसडीएम चरखारी ने टीम के साथ शनिवार को छापा मारकर राकेश गुप्ता की एक्सप्लोसिव मैग्जीन सीज कर दी। इससे मैग्जीन संचालकों में खलबली मच गई। मैग्जीन सीज होने के बाद बिक्री ठप हो जाने से मैग्जीन संचालक को भारी नुकसान हुआ है।
गौरतलब है कि मैग्जीन संचालक राकेश गुप्ता क्षेत्र में चलने वाले पहाड़ों में विस्फोटक के लिए एक्सप्लोसिव का सामान बेचता था। नागरिकों द्वारा शिकायत करने पर जांच टीम गठित की गई थी। जांच टीम में एसडीएम चरखारी राजेश यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी दिनेश सिंह समेत तीन लोग शामिल थे।
टीम कस्बे के बाहर बनी मैगजीन पहुंची। जहां टीम ने कौन-कौन सा माल मैग्जीन में रखा है, किस माल को बेचने का लाइसेंस है आदि जानने के लिए मैग्जीन संचालक को बुलाया, लेकिन ढाई घंटे तक टीम के खड़े रहने के बाद भी मैग्जीन संचालक नहीं पहुंचा। बाद में टीम ने मैग्जीन में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए मैग्जीन सीज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिकारियों ने छापामार की एक्सप्लोसिव मैग्जीन सीज
- टीम के ढाई घंटे खड़े रहने के बाद भी नहीं पहुंचा मैग्जीन संचालक
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। एसडीएम चरखारी ने टीम के साथ शनिवार को छापा मारकर राकेश गुप्ता की एक्सप्लोसिव मैग्जीन सीज कर दी। इससे मैग्जीन संचालकों में खलबली मच गई। मैग्जीन सीज होने के बाद बिक्री ठप हो जाने से मैग्जीन संचालक को भारी नुकसान हुआ है।
गौरतलब है कि मैग्जीन संचालक राकेश गुप्ता क्षेत्र में चलने वाले पहाड़ों में विस्फोटक के लिए एक्सप्लोसिव का सामान बेचता था। नागरिकों द्वारा शिकायत करने पर जांच टीम गठित की गई थी। जांच टीम में एसडीएम चरखारी राजेश यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी दिनेश सिंह समेत तीन लोग शामिल थे।
विज्ञापन
टीम कस्बे के बाहर बनी मैगजीन पहुंची। जहां टीम ने कौन-कौन सा माल मैग्जीन में रखा है, किस माल को बेचने का लाइसेंस है आदि जानने के लिए मैग्जीन संचालक को बुलाया, लेकिन ढाई घंटे तक टीम के खड़े रहने के बाद भी मैग्जीन संचालक नहीं पहुंचा। बाद में टीम ने मैग्जीन में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए मैग्जीन सीज कर दी।
विज्ञापन