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Mahoba News: पीएमश्री विद्यालयों में बनेंगे वेजिटेबल किचन गार्डन
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महोबा। पीएमश्री विद्यालयों में बच्चों को प्रकृति, पोषण, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए वेजिटेबल-मेडिसिनल किचन गार्डन विकसित किए जाएंगे। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। गार्डन को कक्षा शिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। इससे बच्चों को पौधों की विशेषता व जल संरक्षण जैसी गतिविधियों में प्रतिभाग करने का मौका मिलेगा।
स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने इसको लेकर निर्देश जारी किए हैं। विद्यालय परिसर में उपलब्ध स्थान के आधार पर गार्डन विकसित किया जाएगा। पर्याप्त भूमि न होने पर कॉम्पैक्ट गार्डन, वर्टिकल, पॉट, बोतल गार्डन या रेज्ड बेड मॉडल अपनाया जा सकेगा। गार्डन का स्थान बच्चों के लिए सुरक्षित और आसानी से पहुंच योग्य होने के साथ पानी व धूप की उपलब्धता वाला होना चाहिए। गार्डन में तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, एलोवेरा, नीम, आंवला, हल्दी, अदरक, धनिया, पालक, मेथी सहित स्थानीय जलवायु के अनुरूप औषधीय, सुगंधित और मौसमी पौधे लगाए जाएंगे।
इसके अलावा गार्डन में मेडिसिनल प्लांट, किचन गार्डन, एरोमैटिक प्लांट, कंपोस्ट जैसे कॉर्नर विकसित करने की भी व्यवस्था है। गार्डन को कक्षा शिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया गया है। बच्चे पौधों की पहचान, उनकी वृद्धि का रिकॉर्ड, पोषण व स्वास्थ्य संबंधी चर्चा, औषधीय पौधों पर चार्ट-पोस्टर, कंपोस्ट निर्माण और जल संरक्षण जैसी गतिविधियों में भाग ले सकेंगे।
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स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने इसको लेकर निर्देश जारी किए हैं। विद्यालय परिसर में उपलब्ध स्थान के आधार पर गार्डन विकसित किया जाएगा। पर्याप्त भूमि न होने पर कॉम्पैक्ट गार्डन, वर्टिकल, पॉट, बोतल गार्डन या रेज्ड बेड मॉडल अपनाया जा सकेगा। गार्डन का स्थान बच्चों के लिए सुरक्षित और आसानी से पहुंच योग्य होने के साथ पानी व धूप की उपलब्धता वाला होना चाहिए। गार्डन में तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, एलोवेरा, नीम, आंवला, हल्दी, अदरक, धनिया, पालक, मेथी सहित स्थानीय जलवायु के अनुरूप औषधीय, सुगंधित और मौसमी पौधे लगाए जाएंगे।
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इसके अलावा गार्डन में मेडिसिनल प्लांट, किचन गार्डन, एरोमैटिक प्लांट, कंपोस्ट जैसे कॉर्नर विकसित करने की भी व्यवस्था है। गार्डन को कक्षा शिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया गया है। बच्चे पौधों की पहचान, उनकी वृद्धि का रिकॉर्ड, पोषण व स्वास्थ्य संबंधी चर्चा, औषधीय पौधों पर चार्ट-पोस्टर, कंपोस्ट निर्माण और जल संरक्षण जैसी गतिविधियों में भाग ले सकेंगे।
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