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महोबा: रात दो बजे मदरसे से भागे तीन बच्चे, बताया होती है पिटाई, अम्मी अब्बू की याद आती है
Tue, 07 Sep 2021 05:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 07 Sep 2021 05:24 PM IST
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पकड़े गए मदरसे से भागे हुए बच्चे
- फोटो : amar ujala
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महोबा के प्रेमनगर स्थित मदरसा में पिटाई की वजह से तीन बच्चे रात के करीब दो बजे बच्चे भाग निकले। महोबा से लखनऊ जा रही डिपो की बस से तीन बजे रवाना हो गए। उधर मदरसा से बच्चों के गायब होने पर खलबली मच गई।
प्रेमनगर स्थित मदरसा जामिया इस्लामियां दारुल उलूम में बिहार के तीन बच्चे तौहीद आलम (10), नवाब (12) और गुफरान (11) रात को करीब दो बजे मदरसा से अपने घर के लिए निकल पड़े। जानकारी होने पर मौलवी नेे डिपो के बस चालक से संपर्क कर पूरी बात बताई।
इसके बाद एआरएम के निर्देश पर तीनों बच्चों को कानपुर से वापस महोबा लाया गया। उनके परिजनों से संपर्क किया गया तो परिजनों ने मदरसा को ही बच्चों को सुपुर्द करने की बात कही। बच्चों से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मदरसा में पिटाई होती है और हमें अपने अम्मी-अब्बू की याद आती है।
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इसलिए घर जाना चाहते हैं। एआरएम हेमंत मिश्र ने बताया कि बिहार के तीन बच्चे रात को तीन बजे वाली बस से अपने घर जा रहे थे। मदरसा के मौलवी ने संपर्क किया है। परिजनों से बात कर बच्चों को सौंप दिया गया है। कोतवाल बलराम सिंह का कहना है कि मदरसा संचालक को तीनों बच्चे सौंप दिए गए हैं लिखापढ़ी कर ली गई है। बच्चों के परिजनों को भी सूचना दी गई है। माता-पिता की याद आने पर बच्चे भाग निकले थे।
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प्रेमनगर स्थित मदरसा जामिया इस्लामियां दारुल उलूम में बिहार के तीन बच्चे तौहीद आलम (10), नवाब (12) और गुफरान (11) रात को करीब दो बजे मदरसा से अपने घर के लिए निकल पड़े। जानकारी होने पर मौलवी नेे डिपो के बस चालक से संपर्क कर पूरी बात बताई।
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इसके बाद एआरएम के निर्देश पर तीनों बच्चों को कानपुर से वापस महोबा लाया गया। उनके परिजनों से संपर्क किया गया तो परिजनों ने मदरसा को ही बच्चों को सुपुर्द करने की बात कही। बच्चों से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मदरसा में पिटाई होती है और हमें अपने अम्मी-अब्बू की याद आती है।
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इसलिए घर जाना चाहते हैं। एआरएम हेमंत मिश्र ने बताया कि बिहार के तीन बच्चे रात को तीन बजे वाली बस से अपने घर जा रहे थे। मदरसा के मौलवी ने संपर्क किया है। परिजनों से बात कर बच्चों को सौंप दिया गया है। कोतवाल बलराम सिंह का कहना है कि मदरसा संचालक को तीनों बच्चे सौंप दिए गए हैं लिखापढ़ी कर ली गई है। बच्चों के परिजनों को भी सूचना दी गई है। माता-पिता की याद आने पर बच्चे भाग निकले थे।