देसावरी पान की फसल पर पाले की मार
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एक सप्ताह से कड़ाके की ठंड और कोहरे के चलते 40 एकड़ से ज्यादा देसावरी पान की फसल बर्बाद हो गई है। इससे करीब 50 लाख रुपये की फसल का नुकसान हुआ है। कोहरे के चलते दो हजार से ज्यादा पान किसान प्रभावित हुए हैं।
देश विदेश में महोबा का पान लबाें की शान को पाले ने घेर लिया है। करीब 40 फीसदी फसल कोहरे की चपेट में है। कई सालों से पान किसान ओलावृष्टि, सूखा और कोहरे से जूझ रहे हैं। इस साल पान की अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन अचानक कोहरा छाने से पान की फसल पर संकट छा गया है।
पाले ने पान किसानाें के अरमानों को ठंडा कर दिया है। महोबा और आसपास 150 एकड़ में पान की फसल की पैदावार की जाती है। पान कृषक लालता प्रसाद चौरसिया, सुभाष चंद्र चौरसिया, जगदीश चौरसिया का कहना है कि कोहरे और बर्फीली हवाओं के कारण पान फसल प्रभावित हो रही है।
धुआं करके बचाएं पान फसल-कोहरे और ठंड से पान फसल को बचाने के लिए बरेजों में हल्की सी सिंचाई करके नमी रखनी चाहिए। इससे तापमान बढ़ जाएगा।
साथ ही समय-समय पर घड़े में सुराख करके कंडे डालकर पान बरेजों में धुआं करके पान की खराब हो रही फसल को बचाया जा सकता है। बरेजों की छत की छबाई करके ठंडक और कोहरे को रोका जा सकता है।
20 ग्राम पोटाश (एमओपी) 10 लीटर पानी में घोलकर पान बरेजे में छिड़काव करें। इससे पत्ताें में ठंड सहने की क्षमता बढ़ जाती है और पत्तों में गिरने वाला पानी जम नहीं पाता।
इसी तरह मैंको जेब तीन ग्राम प्रति लीटर की दर से किसान जरूरत के अनुसार घोल बनाकर 15-15 दिन के अंतराल में छिड़काव करें। साथ ही रोग ग्रस्त पत्तियाें को गड्ढा खोदकर दबा दें।- डॉ. आईए सिद्दीकी, शोध अधिकारी पान प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र महोबा।