{"_id":"61eee9f303ee7f5b00171137","slug":"mahoba-news-mahoba-news-knp677098395","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंद्रकांत मामले में एक और सिपाही पर भ्रष्टाचार की रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंद्रकांत मामले में एक और सिपाही पर भ्रष्टाचार की रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोबा। कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में भ्रष्टाचार की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। एसआईटी की जांच में एक और सिपाही भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया गया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ के निरीक्षक ने शहर कोतवाली में आरोपी सिपाही के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है।
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया था। आठ सितंबर को उनके गले में गोली लग गई और 13 सितंबर को मौत हो गई। इस मामले की जांच एसआईटी ने की थी। जांच में तत्कालीन एसपी, थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला, व्यापारी सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त को भ्रष्टाचार व आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया गया था। जिनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। एसआईटी की जांच में सिपाही अरुण यादव भी भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए थे। जिनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में एक लाख के इनामी आईपीएस पाटीदार को छोड़कर शेष चारों आरोपी जेल में निरुद्घ है।
एसआईटी व भ्रष्टाचार निवारण संगठन की जांच में पुलिस लाइन में तैनात रहे सिपाही सूरज यादव भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए गए। सोमवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ इकाई के निरीक्षक नुरुलहुदा ने शहर कोतवाली में आरक्षी सूरज यादव निवासी ग्राम सारडीह जनपद प्रतापगढ़ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की विवेचना भ्रष्टाचार निवारण संगठन करेगी। कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर इंद्रकांत मामले में सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया था। आठ सितंबर को उनके गले में गोली लग गई और 13 सितंबर को मौत हो गई। इस मामले की जांच एसआईटी ने की थी। जांच में तत्कालीन एसपी, थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला, व्यापारी सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त को भ्रष्टाचार व आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया गया था। जिनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। एसआईटी की जांच में सिपाही अरुण यादव भी भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए थे। जिनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में एक लाख के इनामी आईपीएस पाटीदार को छोड़कर शेष चारों आरोपी जेल में निरुद्घ है।
विज्ञापन
एसआईटी व भ्रष्टाचार निवारण संगठन की जांच में पुलिस लाइन में तैनात रहे सिपाही सूरज यादव भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए गए। सोमवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ इकाई के निरीक्षक नुरुलहुदा ने शहर कोतवाली में आरक्षी सूरज यादव निवासी ग्राम सारडीह जनपद प्रतापगढ़ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की विवेचना भ्रष्टाचार निवारण संगठन करेगी। कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर इंद्रकांत मामले में सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन