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जेई ने रक्तदान कर बचाई महिला की जान
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महोबा। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में अवर अभियंता योगेंद्र शर्मा का रक्तदान करना एक जुनून बन गया है। जरूरत पड़ने वह 24 घंटे रक्तदान के लिए तैयार रहते हैं। सोमवार को एक महिला को रक्त की जरूरत पड़ने पर उन्होंने जिला अस्पताल पहुंच 25वीं बार रक्तदान किया। उनके इस नेक कार्य की हर कोई सराहना कर रहा है।
अवर अभियंता ने पहली बार वर्ष 1996 में अपने परिवार के अनिल शुक्ला की पत्नी मीरा को रक्तदान किया था। इसके बाद उनका रक्तदान करना एक लक्ष्य बन गया। समय-समय पर लगातार वह रक्तदान करते चले आ रहे हैं। रक्तदान करने पर उन्हें कई बार प्रशासनिक स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
सोमवार को जिला अस्पताल में भर्ती मुख्यालय निवासी पूर्व शिक्षक रामसेवक सोनी की पत्नी सुमित्रा सोनी को बी पॉजिटिव रक्त की जरूरत थी। महिला के पति ने विंग्स टीम के हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया। सूचना मिलते ही योगेंद्र शर्मा जिला अस्पताल पहुंच गए और रक्तदान कर सुमित्रा की जान बचाई।
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अवर अभियंता ने पहली बार वर्ष 1996 में अपने परिवार के अनिल शुक्ला की पत्नी मीरा को रक्तदान किया था। इसके बाद उनका रक्तदान करना एक लक्ष्य बन गया। समय-समय पर लगातार वह रक्तदान करते चले आ रहे हैं। रक्तदान करने पर उन्हें कई बार प्रशासनिक स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
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सोमवार को जिला अस्पताल में भर्ती मुख्यालय निवासी पूर्व शिक्षक रामसेवक सोनी की पत्नी सुमित्रा सोनी को बी पॉजिटिव रक्त की जरूरत थी। महिला के पति ने विंग्स टीम के हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया। सूचना मिलते ही योगेंद्र शर्मा जिला अस्पताल पहुंच गए और रक्तदान कर सुमित्रा की जान बचाई।
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