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ई-प्रपत्र सी से होगी ग्रिट की बिक्री, फर्जी रायल्टी पर लगेगी लगाम
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कबरई (महोबा)। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने ई-प्रपत्र सी से स्टोन ग्रिट की बिक्री किए जाने के आदेश जारी किए हैं। इससे क्रशर व्यापारियों में खुशी है। व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि इससे तीन साल से बंदी की कगार पर चल रही कबरई क्रशर मंडी एक बार फिर गुलजार होगी। डीएम के इस आदेश से अवैध रूप से फर्जी रायल्टी बिक्री करने वालों में खलबली मच गई है।
प्रदेश सरकार को करोड़ों का राजस्व देने वाली पत्थर मंडी कबरई को पट्टाधारकों के लालच व अवैध रायल्टी व्रिकेताओं ने कहीं का नहीं छोड़ा। मंडी में तीन सैकड़ा से अधिक स्टोन क्रशर प्लांट व इतने ही खनन क्षेत्र होने से हजारों श्रमिकों को काम मिलता था, लेकिन पहाड़ पट्टों की अवधि समाप्त होने व शासन द्वारा नए पहाड़ों का आवंटन समय पर न किए जाने से जिले में खनन क्षेत्रों की संख्या कम हो गई। साथ ही रायल्टी की अवैध बिक्री करने वालों ने पट्टाधारकों के साथ मिलकर तीन से चार गुने दामों पर रायल्टी बेची। इससे गिट्टी लेने आने वाले ट्रक मध्यप्रदेश की ओर रुख करने लगे और कबरई मंडी बंदी की कगार पर पहुंच गई।
पत्थर कारोबारियों की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर 15 जून से पहाड़ से बोल्डर के परिवहन के साथ ई-एमएम 11 प्रपत्र अनिवार्य कर दिया है। साथ ही स्टोन क्रशर ग्रिट की बिक्री स्वयं क्रशर संचालक के भंडारण लाइसेंस में पोर्टल से जनरेट होने वाले ई-प्रपत्र सी से ही किए जाने का नियम लागू किया गया है। इससे क्रशर व्यापारियों को क्रशर उद्योग के पहले की तरह संचालित होने की आस जगी है।
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प्रदेश सरकार को करोड़ों का राजस्व देने वाली पत्थर मंडी कबरई को पट्टाधारकों के लालच व अवैध रायल्टी व्रिकेताओं ने कहीं का नहीं छोड़ा। मंडी में तीन सैकड़ा से अधिक स्टोन क्रशर प्लांट व इतने ही खनन क्षेत्र होने से हजारों श्रमिकों को काम मिलता था, लेकिन पहाड़ पट्टों की अवधि समाप्त होने व शासन द्वारा नए पहाड़ों का आवंटन समय पर न किए जाने से जिले में खनन क्षेत्रों की संख्या कम हो गई। साथ ही रायल्टी की अवैध बिक्री करने वालों ने पट्टाधारकों के साथ मिलकर तीन से चार गुने दामों पर रायल्टी बेची। इससे गिट्टी लेने आने वाले ट्रक मध्यप्रदेश की ओर रुख करने लगे और कबरई मंडी बंदी की कगार पर पहुंच गई।
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पत्थर कारोबारियों की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर 15 जून से पहाड़ से बोल्डर के परिवहन के साथ ई-एमएम 11 प्रपत्र अनिवार्य कर दिया है। साथ ही स्टोन क्रशर ग्रिट की बिक्री स्वयं क्रशर संचालक के भंडारण लाइसेंस में पोर्टल से जनरेट होने वाले ई-प्रपत्र सी से ही किए जाने का नियम लागू किया गया है। इससे क्रशर व्यापारियों को क्रशर उद्योग के पहले की तरह संचालित होने की आस जगी है।
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