{"_id":"5e7f4bba8ebc3e6fd3101179","slug":"lock-down-mahoba-news-knp552675959","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन के चलते चौथे दिन पुलिस की सख्ती बढ़ने से पसरा सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन के चलते चौथे दिन पुलिस की सख्ती बढ़ने से पसरा सन्नाटा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोबा। कोरोना के डर से लोग सहमे हैं। लॉकडाउन के बाद पुलिस ने शनिवार को सख्ती दिखाई तो सड़कें और गलियां सुनसान हो गईं। सुबह से ही पुलिस के तेवर सख्त रहे। लोगों को खदेड़कर पुलिस ने घर भेजा। उधर पालिका ने सड़कों पर दरवाजों पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया।
लॉकडाउन के चलते आवश्यक सामग्री की दुकानें बंद हैं। बाजार में सन्नाटा है। चौराहों पर तैनात पुलिस आने-जाने वालों को लौटाती रही। पुलिस की सख्ती से सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखा। कुछ स्थानों पर पुलिस की छूट से लोग सड़क पर दिखे। मेडिकल स्टोरों पर ग्राहकों को एक-एक मीटर दूर गोले में खड़ाकर हाथ सैनिटाइज कराए गए। इसके बाद दवा दी गई। किराना दुकानों में माल कम होने पर लोगों को दो घंटे की छूट के दौरान अधूरा सामान ही मिल सका।
स्वच्छ भारत मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबधंक रूबी बानो और ईओ लालचंद सरोज के निर्देश पर शहर की गलियों में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव हुआ। जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वार्डों में सफाई के निर्देश दिए। एसडीएम चरखारी राजेश यादव, सीएमओ डॉ. सुमन मौजूद रहीं।
विज्ञापन
पनवाड़ी प्रतिनिधि के अनुसार जिलाधिकारी अवधेश तिवारी और पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार ने पंचायत भवन पनवाड़ी में बनाए जा रहे लंच पैकेटों का जायजा लिया। जरूरतमंदों को लंच पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस, खंड विकास अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके बाद अफसरों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी का निरीक्षण किया।
दिल्ली से आया श्रमिक अस्वस्थ, हड़कंप : चरखारी। जरौली निवासी रविकरन (40) लॉकडाउन होने के बाद मालगाड़ी में बैठकर महोबा पहुंच गए। पैदल अपने गांव जरौली पहुंच गए। बुखार, सिरदर्द और जुकाम की शिकायत पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले जाया गया। डॉक्टरों ने 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचा दिया। श्रमिक के अस्वस्थ होने की सूचना से हड़कंप मच गया। लोग दहशत में आ गए। मौके पर पहुंचे डीएम-एसपी ने उसे महोबा भेजकर जांच कराई, लेकिन उसमें कोरोना के लक्षण नहीं मिले।
कानपुर बस जाने की खबर से रोडवेज में जुटी भीड़ : महोबा। कानपुर में फंसे श्रमिकों को महोबा लाने के लिए शनिवार को रोडवेज की बसें भेजने की खबर से रोडवेज परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। लोग कानपुर जाने वाली दो बसों में बैठ गए। डीएम की अनुमति न मिलने पर बसों को रोक दिया गया। इससे बच्चों को लेने जाने वाले मायूस होकर लौट गए। एआरएम महोबा एके जैन ने बताया उच्चाधिकारियों ने बस न भेजने का आदेश दिया था। इसी वजह से बस नहीं भेजी गई।
विज्ञापन
लॉकडाउन के चलते आवश्यक सामग्री की दुकानें बंद हैं। बाजार में सन्नाटा है। चौराहों पर तैनात पुलिस आने-जाने वालों को लौटाती रही। पुलिस की सख्ती से सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखा। कुछ स्थानों पर पुलिस की छूट से लोग सड़क पर दिखे। मेडिकल स्टोरों पर ग्राहकों को एक-एक मीटर दूर गोले में खड़ाकर हाथ सैनिटाइज कराए गए। इसके बाद दवा दी गई। किराना दुकानों में माल कम होने पर लोगों को दो घंटे की छूट के दौरान अधूरा सामान ही मिल सका।
विज्ञापन
स्वच्छ भारत मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबधंक रूबी बानो और ईओ लालचंद सरोज के निर्देश पर शहर की गलियों में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव हुआ। जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वार्डों में सफाई के निर्देश दिए। एसडीएम चरखारी राजेश यादव, सीएमओ डॉ. सुमन मौजूद रहीं।
विज्ञापन
पनवाड़ी प्रतिनिधि के अनुसार जिलाधिकारी अवधेश तिवारी और पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार ने पंचायत भवन पनवाड़ी में बनाए जा रहे लंच पैकेटों का जायजा लिया। जरूरतमंदों को लंच पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस, खंड विकास अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके बाद अफसरों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी का निरीक्षण किया।
दिल्ली से आया श्रमिक अस्वस्थ, हड़कंप : चरखारी। जरौली निवासी रविकरन (40) लॉकडाउन होने के बाद मालगाड़ी में बैठकर महोबा पहुंच गए। पैदल अपने गांव जरौली पहुंच गए। बुखार, सिरदर्द और जुकाम की शिकायत पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले जाया गया। डॉक्टरों ने 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचा दिया। श्रमिक के अस्वस्थ होने की सूचना से हड़कंप मच गया। लोग दहशत में आ गए। मौके पर पहुंचे डीएम-एसपी ने उसे महोबा भेजकर जांच कराई, लेकिन उसमें कोरोना के लक्षण नहीं मिले।
कानपुर बस जाने की खबर से रोडवेज में जुटी भीड़ : महोबा। कानपुर में फंसे श्रमिकों को महोबा लाने के लिए शनिवार को रोडवेज की बसें भेजने की खबर से रोडवेज परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। लोग कानपुर जाने वाली दो बसों में बैठ गए। डीएम की अनुमति न मिलने पर बसों को रोक दिया गया। इससे बच्चों को लेने जाने वाले मायूस होकर लौट गए। एआरएम महोबा एके जैन ने बताया उच्चाधिकारियों ने बस न भेजने का आदेश दिया था। इसी वजह से बस नहीं भेजी गई।