{"_id":"577bf7b24f1c1b6e697fb1fc","slug":"leakage-from-the-cylinder-fire-in-the-house-the-old-woman-burnt-alive","type":"story","status":"publish","title_hn":"लीकेज सिलेंडर से मकान में आग, वृद्धा जिंदा जली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लीकेज सिलेंडर से मकान में आग, वृद्धा जिंदा जली
अमर उजाला महोबा
Updated Tue, 05 Jul 2016 11:39 PM IST
विज्ञापन
आग बुझाते दमकल विभाग के जवान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के मोहल्ला भटीपुरा में एक शादी वाले घर में लीकेज सिलेंडर से आग लग गई। एक कमरे में बैठी वृद्धा लपटों में घिर गई। गंभीर रूप से जलने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उन्हें बचाने के प्रयास में छह लोग झुलस भी गए। सूचना के एक घंटे बाद गांव पहुंची दमकल ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
भटीपुरा निवासी गनपत वर्मा की नातिन की शादी 7 जुलाई को है। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। पकवान बनाने के लिए आधा दर्जन सिलेंडर घर में रखे थे। शादी में आए रिश्तेदारों के लिए मंगलवार सुबह 10 बजे कच्चे मकान में खाना पकाने की तैयारी चल रही थी। एक महिला ने जैसे ही चूल्हा जलाने के लिए माचिस की तीली जलाई कि लीकेज सिलेंडर ने आग पकड़ ली। पल भर में आग की लपटों ने कच्चे मकान को चपेट में ले लिया।
आग देख रिश्तेदारों ने आननफानन में छह अन्य सिलेंडरों को किसी तरह बाहर फेंका। मकान के अंदर मौजूद लोग बाहर की तरफ भागे लेकिन गनपत की 70 वर्षीय पत्नी इंद्रानी नहीं भाग सकीं और आग की लपटों से घिर गईं। उनकी चीख पुकार पर परिवार के शैलेंद्र (20) पुत्र मोहनलाल, गीता (45) पत्नी मोहनलाल, जीतू (22) पुत्र रामसहाय, मंजू (18) पुत्री अशोक और बाबू अहिरवार (45) समेत छह लोगों ने उन्हें कमरे से निकालने का प्रयास किया। इस प्रयास में वे झुलस भी गए, फिर भी कमरे के अंदर नहीं पहुंच सके।
विज्ञापन
इस दौरान वृद्धा की चीखें शांत हो गईं। दमकल के जवान दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाकर भीतर पहुंचे लेकिन तब तक वृद्धा की मौत हो चुकी थी। गांव के लोगों ने मकान के चारों तरफ पानी डालकर आग को आगे नहीं बढ़ने दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अग्निकांड से हजारों का सामान जल गया। दहेज आदि का कीमती सामान दूसरे कमरे में रखा होने से बच गया।
विज्ञापन
भटीपुरा निवासी गनपत वर्मा की नातिन की शादी 7 जुलाई को है। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। पकवान बनाने के लिए आधा दर्जन सिलेंडर घर में रखे थे। शादी में आए रिश्तेदारों के लिए मंगलवार सुबह 10 बजे कच्चे मकान में खाना पकाने की तैयारी चल रही थी। एक महिला ने जैसे ही चूल्हा जलाने के लिए माचिस की तीली जलाई कि लीकेज सिलेंडर ने आग पकड़ ली। पल भर में आग की लपटों ने कच्चे मकान को चपेट में ले लिया।
विज्ञापन
आग देख रिश्तेदारों ने आननफानन में छह अन्य सिलेंडरों को किसी तरह बाहर फेंका। मकान के अंदर मौजूद लोग बाहर की तरफ भागे लेकिन गनपत की 70 वर्षीय पत्नी इंद्रानी नहीं भाग सकीं और आग की लपटों से घिर गईं। उनकी चीख पुकार पर परिवार के शैलेंद्र (20) पुत्र मोहनलाल, गीता (45) पत्नी मोहनलाल, जीतू (22) पुत्र रामसहाय, मंजू (18) पुत्री अशोक और बाबू अहिरवार (45) समेत छह लोगों ने उन्हें कमरे से निकालने का प्रयास किया। इस प्रयास में वे झुलस भी गए, फिर भी कमरे के अंदर नहीं पहुंच सके।
विज्ञापन
इस दौरान वृद्धा की चीखें शांत हो गईं। दमकल के जवान दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाकर भीतर पहुंचे लेकिन तब तक वृद्धा की मौत हो चुकी थी। गांव के लोगों ने मकान के चारों तरफ पानी डालकर आग को आगे नहीं बढ़ने दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अग्निकांड से हजारों का सामान जल गया। दहेज आदि का कीमती सामान दूसरे कमरे में रखा होने से बच गया।