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संक्रामक बीमारियों का कहर, युवक की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Thu, 06 Apr 2017 11:21 PM IST
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जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीज।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गर्मी का मौसम शुरू होते ही संक्रामक बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। जिला अस्पताल और प्राइवेट क्लीनिक ों में मरीजों की भरमार है। बुधवार की रात तेज बुखार से पीड़ित एक युवक की मौत हो गई।
वायरल और मलेरिया से पीड़ित छह लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोतवाली क्षेत्र के गांव करहराकलां निवासी मूलचंद्र (36) पुत्र हल्कू तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने उसका उपचार प्राइवेट क्लीनिकों में कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
बुधवार की शाम अचानक हालत बिगड़ने पर परिजन मूलचंद्र को जिला अस्पताल लाए। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन शव का पोस्टमार्टम कराए बगैर ही घर ले गए।
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संक्रामक बीमारियों के मरीजों में इजाफा होने से जिला अस्पताल में भारी भीड़ जुट रही है। पर्चा बनवाने से लेकर दवाइयां लेने तक मरीजों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता है। उल्टी, दस्त, बुखार व पेटदर्द से पीड़ित मइयादीन (65) निवासी अतरारमाफ, शिल्पी(22) पत्नी ईरेंद्र निवासी मगरौल, सर्वेश (28) निवासी भटेवरा, हरगोविंद (30) निवासी गांधीनगर समेत आधा दर्जन लोगों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
इसके अलावा प्राइवेट क्लीनिकों में भी मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उदयवीर सिंह का कहना है कि गर्मी के मौसम में खानपान में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। धूप में निकलने से पहले शरीर को अच्छी तरह से ढका जाए। ताकि बीमारियों से बचा जा सके।
उल्टी दस्त की चपेट में आकर दो की मौत
महोबा। जिले में बदले मौसम के मिजाज से संक्रामक बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिए है। गुरुवार को जिला अस्पताल में उल्टी दस्त की चपेट में आने से एक महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई।
थाना श्रीनगर के गांव सिजहरी निवासी पूनम (22) पत्नी जुगलकिशोर पिछले कुछ दिनों से उल्टी दस्त से पीड़ित थी। गुरुवार को उसे जिला अस्पताल लाया गया जहां पर उसने दम तोड़ दिया। इसी तरह गांव जुझार निवासी छत्रपाल पुत्र रमेश कुमार भी उल्टी दस्त से पीड़ित था। उसे जिला अस्पताल लाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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वायरल और मलेरिया से पीड़ित छह लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोतवाली क्षेत्र के गांव करहराकलां निवासी मूलचंद्र (36) पुत्र हल्कू तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने उसका उपचार प्राइवेट क्लीनिकों में कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
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बुधवार की शाम अचानक हालत बिगड़ने पर परिजन मूलचंद्र को जिला अस्पताल लाए। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन शव का पोस्टमार्टम कराए बगैर ही घर ले गए।
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संक्रामक बीमारियों के मरीजों में इजाफा होने से जिला अस्पताल में भारी भीड़ जुट रही है। पर्चा बनवाने से लेकर दवाइयां लेने तक मरीजों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता है। उल्टी, दस्त, बुखार व पेटदर्द से पीड़ित मइयादीन (65) निवासी अतरारमाफ, शिल्पी(22) पत्नी ईरेंद्र निवासी मगरौल, सर्वेश (28) निवासी भटेवरा, हरगोविंद (30) निवासी गांधीनगर समेत आधा दर्जन लोगों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
इसके अलावा प्राइवेट क्लीनिकों में भी मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उदयवीर सिंह का कहना है कि गर्मी के मौसम में खानपान में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। धूप में निकलने से पहले शरीर को अच्छी तरह से ढका जाए। ताकि बीमारियों से बचा जा सके।
उल्टी दस्त की चपेट में आकर दो की मौत
महोबा। जिले में बदले मौसम के मिजाज से संक्रामक बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिए है। गुरुवार को जिला अस्पताल में उल्टी दस्त की चपेट में आने से एक महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई।
थाना श्रीनगर के गांव सिजहरी निवासी पूनम (22) पत्नी जुगलकिशोर पिछले कुछ दिनों से उल्टी दस्त से पीड़ित थी। गुरुवार को उसे जिला अस्पताल लाया गया जहां पर उसने दम तोड़ दिया। इसी तरह गांव जुझार निवासी छत्रपाल पुत्र रमेश कुमार भी उल्टी दस्त से पीड़ित था। उसे जिला अस्पताल लाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।