चरखारी (महोबा)। निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने के साथ सरकारी स्कूलों की भी सुविधाएं लेने का फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग अलर्ट हो गया है। अब परिषदीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के चक्कर में निजी स्कूलों में पहले से अध्ययनरत छात्रों का नामांकन परिषदीय स्कूलों में कराना प्रधानाध्यापकों को महंगा पड़ेगा। इसको लेकर खंड शिक्षा अधिकारी चरखारी ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
बच्चों का नामांकन परिषदीय विद्यालयों में कराने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की है। तमाम परिषदीय स्कूलों में प्रधानाध्यापक छात्र संख्या बढ़ाने के लिए ऐसे बच्चों का भी नामांकन कर लेते हैं जो पहले से ही निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। ये छात्र परिषदीय स्कूलों में नहीं आते और सभी सुविधाओं का लाभ लेते हैं। छात्रों की सही संख्या का पता लगाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से यू-डायस पोर्टल शुरू किया गया है। जिले में 363 बच्चे ऐसे सामने आए जिनका नामांकन दो-दो स्कूलों में है। फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर इस मामले को बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। खंड शिक्षा अधिकारी चरखारी प्रीति राजपूत ने क्षेत्र के सभी प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी किया है। जिसमें कहा है कि नामांकन बढ़ाने के चक्कर में छात्रों का दाखिला न लें। जो बच्चे नियमित विद्यालय आएं, उन्हें सुविधाओं का लाभ दिया जाए। यदि इस तरह के मामले सामने आते हैं तो संबंधित प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।