महोबा। शहर को सौ बेड के नए जिला अस्पताल की सौगात मिलने के साथ ही मेडिकल कालेज खोले जाने का रास्ता साफ हो गया है। डीएम की अगुवाई में राजस्व व स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों ने छतरपुर रोड पर खाली पड़ी भूमि का मुआयना करके मेडिकल कालेज को आवंटित की जाने वाली 29 एकड़ जमीन देखी। हालांकि, जिला प्रशासन प्रथम चरण में यहां केवल सौ बेड का अस्पताल, 50 बेड का ट्रामा सेंटर और डीडीआईसी (बच्चों के इलाज की यूनिट) का निर्माण कराएगा। इसका खाका सोमवार की शाम ही शासन को भेज दिया गया।
कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बीएड कालेज के आगे मेडिकल कालेज के लिए बीते कई महीनों से जमीन की तलाश चल रही थी। कई बार राजस्वकर्मियों ने यहां जमीन की नापजोख की, लेकिन मामला लटका रहा। डीएम सतेंद्र कुमार ने मेडिकल कालेज के लिए जमीन चिह्नित करने के लिए गंभीरता दिखाई, तो राजस्व कर्मी हरकत में आ गए। डीएम, एसडीएम राजेश यादव, सीएमओ डॉ. मनोजकांत सिन्हा मौके पर पहुंचे। इस दौरान भूमि संबंधी दस्तावेज देखे और प्रस्तावित अस्पताल में कहां क्या बनाया जाना है। इसको लेकर करीब आधे घंटे तक अफसरों ने मौके पर खड़े रहकर मंथन किया। डीएम ने बताया कि प्रथम चरण में पांच एकड़ में सौ बेड का जिला अस्पताल बनाया जाएगा। अस्पताल के पास ही 50 बेड का ट्रामा सेंटर बनेगा। यहीं पर बच्चों के इलाज के लिए छह हजार वर्ग फीट में बाल चिकित्सा इकाई का निर्माण होगा। बताया कि इसी वित्तीय वर्ष में मार्च माह तक सौ बेड के अस्पताल के लिए बजट आवंटित होने की उम्मीद है। बताया कि सबकुछ ठीक रहा तो दो साल में अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा।