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टीबी और कुपोषित मरीजों की तलाश में घर-घर दस्तक
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महोबा। जिले में टीबी और कुपोषितों की तलाश में स्वास्थ्य टीम घर-घर दस्तक दे रही है। अभियान में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाया गया है। नागरिकों को अपने आसपास गंदे पानी को न एकत्रित होने देने की सलाह दी गई।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार व मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एमके सिन्हा के निर्देशन पर पहली जुलाई से चल रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत सोमवार को दस्तक अभियान की भी शुरूआत हो गई। यह 25 जुलाई तक चलेगा। इसमें आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मुख्य जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला मलेरिया अधिकारी आरपी निरंजन ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत कुपोषित बच्चों तथा विभिन्न रोगों के लक्षणयुक्त व्यक्तियों का चिन्हीकरण कर सूचीबद्ध भी किया जाएगा।
सहायक जिला मलेरिया अधिकारी राधेश्याम यादव ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में भी आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। जो घर-घर जाकर लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक और स्वच्छता के प्रति प्रेरित रह रही हैं। एक हफ्ते से ज्यादा बुखार या खांसी वाले लोगों तथा कुपोषित बच्चों एवं फाइलेरिया डिफॉरमेटी पर विशेष ध्यान होगा। कुपोषित बच्चों की सूची बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को सौंपी जाएगी। इसके माध्यम से बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में रेफर किया जाएगा। इसी तरह टीबी के मरीजों की सूची क्षय रोग विभाग को भेजी जाएगी।
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जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार व मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एमके सिन्हा के निर्देशन पर पहली जुलाई से चल रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत सोमवार को दस्तक अभियान की भी शुरूआत हो गई। यह 25 जुलाई तक चलेगा। इसमें आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मुख्य जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला मलेरिया अधिकारी आरपी निरंजन ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत कुपोषित बच्चों तथा विभिन्न रोगों के लक्षणयुक्त व्यक्तियों का चिन्हीकरण कर सूचीबद्ध भी किया जाएगा।
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सहायक जिला मलेरिया अधिकारी राधेश्याम यादव ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में भी आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। जो घर-घर जाकर लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक और स्वच्छता के प्रति प्रेरित रह रही हैं। एक हफ्ते से ज्यादा बुखार या खांसी वाले लोगों तथा कुपोषित बच्चों एवं फाइलेरिया डिफॉरमेटी पर विशेष ध्यान होगा। कुपोषित बच्चों की सूची बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को सौंपी जाएगी। इसके माध्यम से बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में रेफर किया जाएगा। इसी तरह टीबी के मरीजों की सूची क्षय रोग विभाग को भेजी जाएगी।
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