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महोबाः चिट्ठी पर चिट्ठी, न मिले डॉक्टर और न ही नर्स
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महोबा। जिला महिला अस्पताल का संचालन दो साल पहले नए भवन में शुरू हुआ लेकिन सुविधाएं नहीं मिल सकीं। चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दो साल से स्टाफ बढ़ाने के लिए चिट्ठी-चिट्ठी का खेल चल रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य लखनऊ के महानिदेशक को छह बार पत्र लिखा गया लेकिन एक भी स्टाफ नहीं बढ़ा।
दो साल पहले तक महिला अस्पताल का संचालन पुरुष अस्पताल के एक हिस्से में किया जा रहा था। करोड़ों की लागत से पुराने नेत्र चिकित्सालय के भवन को तोड़कर महिला अस्पताल का नया भवन तैयार किया गया था। अस्पताल का संचालन शुरू होने पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन चिकित्सकों व स्टाफ में बढ़ोत्तरी न होने से किसी तरह काम चलाया जा रहा है। चिकित्सकों के आठ पदों के सापेक्ष तीन चिकित्सक तैनात हैं। 11 में से एक भी नर्स नहीं है। लाखों की लागत से आईं मशीनें शोपीस बनीं हैं। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से अल्ट्रासाउंड भी नहीं हो पा रहा है। चिकित्सक व स्टाफ की मांग को लेकर महिला जिला अस्पताल के सीएमएस ने उच्चाधिकारियों के कई बार पत्र लिखे लेकिन समस्या जस की तस बनी है। इससे आने वाली गर्भवती महिलाओं व बच्चों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
पदनाम -- स्वीकृत -- कार्यरत -- रिक्त
स्त्रीरोग विशेषज्ञ -- 04 -- 01 -- 03
विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी -- 04 -- 02 -- 02
स्टाफ नर्स -- 11 -- 00 -- 11
सिस्टर -- 04 -- 00 -- 04
लैब टैक्नीशियन -- 01 -- 00 -- 01
महिला चिकित्सक व नर्स की नियुक्ति के लिए पांच से छह पत्र महानिदेशक लखनऊ को भेजे गए। अभी तक स्टाफ में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। किसी तरह काम चलाया जा रहा है।
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डॉ. डीके सुल्लेरे, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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दो साल पहले तक महिला अस्पताल का संचालन पुरुष अस्पताल के एक हिस्से में किया जा रहा था। करोड़ों की लागत से पुराने नेत्र चिकित्सालय के भवन को तोड़कर महिला अस्पताल का नया भवन तैयार किया गया था। अस्पताल का संचालन शुरू होने पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन चिकित्सकों व स्टाफ में बढ़ोत्तरी न होने से किसी तरह काम चलाया जा रहा है। चिकित्सकों के आठ पदों के सापेक्ष तीन चिकित्सक तैनात हैं। 11 में से एक भी नर्स नहीं है। लाखों की लागत से आईं मशीनें शोपीस बनीं हैं। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से अल्ट्रासाउंड भी नहीं हो पा रहा है। चिकित्सक व स्टाफ की मांग को लेकर महिला जिला अस्पताल के सीएमएस ने उच्चाधिकारियों के कई बार पत्र लिखे लेकिन समस्या जस की तस बनी है। इससे आने वाली गर्भवती महिलाओं व बच्चों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
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पदनाम -- स्वीकृत -- कार्यरत -- रिक्त
स्त्रीरोग विशेषज्ञ -- 04 -- 01 -- 03
विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी -- 04 -- 02 -- 02
स्टाफ नर्स -- 11 -- 00 -- 11
सिस्टर -- 04 -- 00 -- 04
लैब टैक्नीशियन -- 01 -- 00 -- 01
महिला चिकित्सक व नर्स की नियुक्ति के लिए पांच से छह पत्र महानिदेशक लखनऊ को भेजे गए। अभी तक स्टाफ में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। किसी तरह काम चलाया जा रहा है।
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डॉ. डीके सुल्लेरे, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल