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फसल बर्बाद होने से आहत किसान ने फांसी लगाकर दी जान
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खरेला (महोबा)। कस्बा खरेला में फसल बर्बाद होने से आहत किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव मकान के समीप बने पशुबाड़े में लट्ठे से रस्सी के फंदे पर लटकता मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिवार के मुखिया की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
कस्बे के मोहल्ला स्वामीदास निवासी रघुनाथ सिंह उर्फ मिट्ठू (45) खेती-किसानी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। मृतक की पत्नी रामकली ने बताया कि इस बार 12 बीघा भूमि में चना व मटर की फसल बोई थी। नौ से 13 जनवरी तक लगातार भारी बारिश होने से खेत में पानी भर गया था। जिससे पैदावार कम न होने की आशंका के चलते किसान परेशान रहने लगा।
शुक्रवार की देर शाम रघुनाथ खेत ने फसल देखकर परेशान होकर घर लौटा और खाना खाने के बाद कमरे में चला गया। देर रात जब परिजन सो गए। रात में पशुबाड़े में जाकर रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जिससे उसकी मौत हो गई। शनिवार की सुबह जब परिजनों को जानकारी हुई। रामकली ने बताया कि फसल बर्बाद होने से उन्हें बेटी सत्या व शिवानी के हाथ पीले करने की चिंता भी सता रही थी। इसी से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
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एसडीएम चरखारी पीयूष जायसवाल का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। लेखपाल को भेजकर जांच कराई जाएगी।
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कस्बे के मोहल्ला स्वामीदास निवासी रघुनाथ सिंह उर्फ मिट्ठू (45) खेती-किसानी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। मृतक की पत्नी रामकली ने बताया कि इस बार 12 बीघा भूमि में चना व मटर की फसल बोई थी। नौ से 13 जनवरी तक लगातार भारी बारिश होने से खेत में पानी भर गया था। जिससे पैदावार कम न होने की आशंका के चलते किसान परेशान रहने लगा।
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शुक्रवार की देर शाम रघुनाथ खेत ने फसल देखकर परेशान होकर घर लौटा और खाना खाने के बाद कमरे में चला गया। देर रात जब परिजन सो गए। रात में पशुबाड़े में जाकर रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जिससे उसकी मौत हो गई। शनिवार की सुबह जब परिजनों को जानकारी हुई। रामकली ने बताया कि फसल बर्बाद होने से उन्हें बेटी सत्या व शिवानी के हाथ पीले करने की चिंता भी सता रही थी। इसी से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
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एसडीएम चरखारी पीयूष जायसवाल का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। लेखपाल को भेजकर जांच कराई जाएगी।