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Mahoba News: कृषि कार्य में रासायनिक खाद के कम प्रयोग पर दिया जोर
Sat, 25 Apr 2026 01:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 25 Apr 2026 01:04 AM IST
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चरखारी (महोबा)। कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल की ओर से ब्लॉक चरखारी के नरेड़ी गांव में कृषि गोष्ठी का आयोजन हुआ। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आगामी खरीफ की फसल के लिए खेत तैयार करने की सलाह दी। कहा कि किसान समय से मिट्टी का परीक्षण कराएं और रासायनिक खाद का कम से कम उपयोग करें।
कृषि गोष्ठी में केवीके के प्रभारी डॉ. रजनीश मिश्र ने मृदा परीक्षण के बाद नाईट्रोजन, पोटाश, फास्फोरस, सल्फर व सूक्ष्म पोषक तत्व को सही समय और सही अनुपात में देने की विधि समझाई। कहा कि मिट्टी के स्वास्थ्य को सही बनाए रखने के लिए यह जरूरी है। ऐसा करने से उत्पादन लागत कम होगी। उन्होंने रासायनिक खाद की उपयोगिता घटाने के लिए गोबर खाद व केंचुआ खाद का अधिक से अधिक प्रयोग करने की सलाह दी। साथ ही नाडेफ खाद बनाने की विधि बताई। कहा कि संतुलित देशी खाद के उपयोग से फसल बेहद पौष्टिक पैदा होगी। उसमें न्यूट्रिशियन अधिक होगा और खाने से स्वास्थ्य लाभ होना तय है। साथ ही लोबिया, उर्द व मूंग की फसल में ढैचा और सनई की हरी खाद के उपयोग की विधि बताई। इस मौके पर कृषि विभाग के बीटीएम ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
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कृषि गोष्ठी में केवीके के प्रभारी डॉ. रजनीश मिश्र ने मृदा परीक्षण के बाद नाईट्रोजन, पोटाश, फास्फोरस, सल्फर व सूक्ष्म पोषक तत्व को सही समय और सही अनुपात में देने की विधि समझाई। कहा कि मिट्टी के स्वास्थ्य को सही बनाए रखने के लिए यह जरूरी है। ऐसा करने से उत्पादन लागत कम होगी। उन्होंने रासायनिक खाद की उपयोगिता घटाने के लिए गोबर खाद व केंचुआ खाद का अधिक से अधिक प्रयोग करने की सलाह दी। साथ ही नाडेफ खाद बनाने की विधि बताई। कहा कि संतुलित देशी खाद के उपयोग से फसल बेहद पौष्टिक पैदा होगी। उसमें न्यूट्रिशियन अधिक होगा और खाने से स्वास्थ्य लाभ होना तय है। साथ ही लोबिया, उर्द व मूंग की फसल में ढैचा और सनई की हरी खाद के उपयोग की विधि बताई। इस मौके पर कृषि विभाग के बीटीएम ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
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