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सात ग्राम पंचायतों में चुनाव जीतकर भी शपथ नहीं ले सकेंगे ग्राम प्रधान
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महोबा। जिले की सात ग्राम पंचायतों में चुनाव से प्रधान तो चुन लिए जाएंगे, लेकिन वह ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या कम होने के चलते शपथ नहीं ले सकेंगे। ऐसे में ग्रामसभा संघटित नहीं हो पाएगी और प्रशासक नियुक्त करना पड़ेगा।
डीपीआरओ संतोष कुमार ने बताया कि जिले में 273 ग्राम पंचायतें हैं। 90 फीसदी ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्यों का निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो चुका है। लेकिन सात ग्राम पंचायतों परसाहा, जुझार, डहर्रा, काली पहाड़ी, इमिलिया, बसौरा व बिलखी में ग्राम पंचायत सदस्यों का दो तिहाई कोरम पूरा नहीं हो पाएगा। कोरम पूरा न होने से उपचुनाव के बाद सदस्य निर्वाचित होंगे, उसके बाद ही शपथ ले सकेंगे।
डीपीआरओ के मुताबिक एक हजार आबादी वाली ग्रामसभा में 9 व 1001 से दो हजार की आबादी में 11 सदस्य होंगे। जबकि 2001 से तीन हजार तक 13 और इससे से अधिक आबादी पर 15 सदस्य हो सकते हैं। ग्रामसभा संघटित होने के लिए कम से कम दो तिहाई सदस्यों का होना जरूरी है। यदि दो तिहाई सदस्यों का कोरम पूरा नहीं हुआ तो वहां प्रशासक नियुक्त करना पड़ेगा।
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डीपीआरओ संतोष कुमार ने बताया कि जिले में 273 ग्राम पंचायतें हैं। 90 फीसदी ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्यों का निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो चुका है। लेकिन सात ग्राम पंचायतों परसाहा, जुझार, डहर्रा, काली पहाड़ी, इमिलिया, बसौरा व बिलखी में ग्राम पंचायत सदस्यों का दो तिहाई कोरम पूरा नहीं हो पाएगा। कोरम पूरा न होने से उपचुनाव के बाद सदस्य निर्वाचित होंगे, उसके बाद ही शपथ ले सकेंगे।
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डीपीआरओ के मुताबिक एक हजार आबादी वाली ग्रामसभा में 9 व 1001 से दो हजार की आबादी में 11 सदस्य होंगे। जबकि 2001 से तीन हजार तक 13 और इससे से अधिक आबादी पर 15 सदस्य हो सकते हैं। ग्रामसभा संघटित होने के लिए कम से कम दो तिहाई सदस्यों का होना जरूरी है। यदि दो तिहाई सदस्यों का कोरम पूरा नहीं हुआ तो वहां प्रशासक नियुक्त करना पड़ेगा।
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