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हैंडपंपों ने दिया जवाब, पानी की जुगाड़ में बीत रहा पूरा दिन
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लमौरा (महोबा)। विकासखंड जैतपुर के ग्राम लमौरा में गर्मी के साथ ही पेयजल संकट गहरा गया है। गांव में लगे आधा दर्जन से अधिक हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। जिससे लोग बूंद बूंद पानी को लेकर परेशान हैं। ग्रामीण कोसो दूर से बाइकों और साइकिल से पानी लाकर प्यास बुझा रहे है। उनका पूरा दिन पानी की जुगाड़ में ही गुजर जाता है।
दो हजार की आबादी वाले लमौरा गांव में भीषण गर्मी के चलते तालाब, कुएं व पोखर सूख गए है। गांव में लगे आधा दर्जन से अधिक हैंडपंपों में दो खराब हैं जबकि जलस्तर घटने से अन्य हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। हैंडपंप खराब होने की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। जिससे लोग बूंद बूंद पानी को लेकर परेशान हैं। भीषण जल संकट होने के बाद भी टैंकर न चलाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
ग्रामीण प्रमोद, रामदीन, हल्के, मनोहर आदि का कहना है कि भीषण गर्मी में उनका पूरा दिन पानी की जुगाड़ में ही निकल जाता है। कई ग्रामीण पैदल पानी लाते है जबकि कुछ लोग बाइक व साइकिल से पानी लाकर किसी तरह व्यास बुझा रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत पशुओं व पक्षियों को हो रही है। लोग सुबह से लेकर रात तक अपने काम धंधे छोड़कर पानी की तलाश करते नजर आते हैं। ग्रामीणों ने गांव में टैंकर चलवाए जाने की मांग की है। उधर बीडीओ प्रशांत कुमार का कहना है कि अभी तक पेयजल संकट की कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। यदि ऐसा है तो टैंकर चलवाकर लोगों को पेयजल मुहैया कराया जाएगा।
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दो हजार की आबादी वाले लमौरा गांव में भीषण गर्मी के चलते तालाब, कुएं व पोखर सूख गए है। गांव में लगे आधा दर्जन से अधिक हैंडपंपों में दो खराब हैं जबकि जलस्तर घटने से अन्य हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। हैंडपंप खराब होने की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। जिससे लोग बूंद बूंद पानी को लेकर परेशान हैं। भीषण जल संकट होने के बाद भी टैंकर न चलाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
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ग्रामीण प्रमोद, रामदीन, हल्के, मनोहर आदि का कहना है कि भीषण गर्मी में उनका पूरा दिन पानी की जुगाड़ में ही निकल जाता है। कई ग्रामीण पैदल पानी लाते है जबकि कुछ लोग बाइक व साइकिल से पानी लाकर किसी तरह व्यास बुझा रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत पशुओं व पक्षियों को हो रही है। लोग सुबह से लेकर रात तक अपने काम धंधे छोड़कर पानी की तलाश करते नजर आते हैं। ग्रामीणों ने गांव में टैंकर चलवाए जाने की मांग की है। उधर बीडीओ प्रशांत कुमार का कहना है कि अभी तक पेयजल संकट की कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। यदि ऐसा है तो टैंकर चलवाकर लोगों को पेयजल मुहैया कराया जाएगा।
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