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बांटा गया भूसा साबित हुआ ऊंट के मुंह में जीरा
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Wed, 24 Feb 2016 11:51 PM IST
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सूखा राहत के तहत ग्राम सिजहरी में पशुपालकों को वितरित किया भूसा ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ। 900 पशुपालकों के सापेक्ष महज 220 को ही भूसा बंटा गया। भूसा लेने आए बाकी पशुपालकों को निराश होकर लौटना पड़ा।
विकासखंड कबरई की न्याय पंचायत सिजहरी के पशुपालकों के लिए एक ट्रक भूसा राहत योजना के तहत भेजा गया।
बुधवार को भूसा का वितरण क्रिकेट ग्राउंड में हुआ। वितरण केंद्र पर केवल 220 पशुपालकों को ही भूसा मिल पाया। राजस्व निरीक्षक ने वितरण के लिए 865 पशु पालकों की सूची दी थी। इसमें से 665 पशु पालकों को भूसा नहीं मिल पाया। यह निराश होकर केंद्र से लौट गए। पशु पालकों का कहना है कि बांटा गया भूसा ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ।
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इससे ज्यादा दिनों तक पशुआें को खुराक नहीं मिल पाएगी। पशु चिकित्साधिकारी डा. जीतेंद्र सिंह ने बताया कि बड़े पशु के लिए पांच किलो व छोटे के लिए ढाई किलो भूसा उपलब्ध कराया गया। दोबारा भूसा मिलने पर फिर से वितरण किया जाएगा।
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इस मौके पर राजस्व निरीक्षक मिथलेश दीक्षित, पशु चिकित्साधिकारी बालेंद्र सिंह, डा. रतन सिंह, डा. जितेंद्र सिंह, पशुधन प्रसार अधिकारी ओमनारायण सोनी व ग्राम प्रधान वंदना राजपूत मौजूद रहीं।