{"_id":"65493277cfec4b1797047ae8","slug":"dengue-outbreak-municipality-is-not-able-to-kill-even-mosquitoes-mahoba-news-c-225-1-mah1001-2654-2023-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: डेंगू का प्रकोप, मच्छर भी नहीं मार पा रहा पालिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: डेंगू का प्रकोप, मच्छर भी नहीं मार पा रहा पालिका
Tue, 07 Nov 2023 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Tue, 07 Nov 2023 12:07 AM IST
विज्ञापन
महोबा। 25 वार्ड, करीब 22 हजार मकान व एक लाख से अधिक आबादी वाले महोबा शहर में डेंगू का असर जारी है। आए दिन डेंगू के नए मरीज सामने आ रहे हैं। डेंगू पीड़ितों में बच्चों से लेकर युवा तक शामिल हैं। फॉगिंग के नाम पर पालिका प्रशासन की ओर से शहर में फाॅगिंग तो कराई जा रही है। फाॅगिंग के नाम पर मशीन धुआं तो फेंक रहीं हैं लेकिन मच्छर नहीं मार पा रही हैं। जिससे जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठ रहे हैं।
जिले में 22 सितंबर को डेंगू का पहला मरीज मिला था। इसके बाद तो आए दिन डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। अभी तक जिले में 38 डेंगू पीड़ित मरीज सामने आ चुके हैं। डेंगू पीड़ित मरीजों में शहरवासी भी शामिल हैं। तीन दिन पहले दो साल का एक मासूम डेंगू से ग्रसित पाया गया था। इसके अलावा शहर के भटीपुरा मोहल्ला में दो सगी बहनें भी डेंगू पीड़ित मिल चुकी हैं। डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में अलग से डेंगू वार्ड बनाया गया है। जहां मरीजों का भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। बावजूद इसके शहर में पालिका प्रशासन मच्छरों की रोकथाम नहीं कर पा रही हैं। आए दिन मरीज सामने आने से पालिका की फाॅगिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का पालिका की फाॅगिंग व्यवस्था से भरोसा उठता जा रहा है। उधर, पालिका ईओ अवधेश कुमार का कहना है कि शहर में फागिंग कराई जा रही है। इसके लिए फाॅगिंग मशीनों व कर्मचारियों को लगाया गया है। समय-समय पर एंटी लार्वा का भी छिड़काव किया जाता है।
-- -- -- -- -- -- -- -
लोग बोले, सभासद दें एनओसी तभी पूरी मानी जाए फाॅगिंग
महोबा। शहर में नगर पालिका की ओर से फॉगिंग के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। पिछले माह एंटी लार्वा का छिड़काव किए जाने के लिए अभियान चलाया गया था लेकिन कई बार यह कर्मचारी काम में खानापूर्ति कर वापस आ जाते हैं। ऐसे में शहरवासियों का कहना है कि नगर पालिका के सभासदों के सामने ही फॉगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाए। फाॅगिंग व एंटी लार्वा के छिड़काव में लापरवाही के कारण मच्छर पनप रहे हैं। ऐसे में सभासदों को भी तय करना चाहिए कि उनके वार्ड में फाॅगिंग हुई की नहीं। साथ ही फाॅगिंग और एंटी लार्वा के काम को तब तक पूरा नहीं माना जाए जब तक सभासद इसकी एनओसी न दे दें।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -
60 लीटर डीजल, 20 लीटर पेट्रोल भरने पर दो घंटे चलती है मशीन
महोबा। फाॅगिंग के लिए शहर में नगर पालिका के पास दो बड़ी व दो छोटी मशीनें हैं। बड़ी मशीन में एक बार में पूरी क्षमता से भरने पर 60 लीटर डीजल, 20 लीटर पेट्रोल, 60 लीटर पानी व उसी अनुपात में केमिकल डाला जाता है। तब यह मशीन एक बार में दो घंटे लगातार चल पाती है जबकि छोटी मशीन हाथ में लेकर ही चलाई जा सकती है। जिसमें एक बार में पांच लीटर डीजल, तीन लीटर पेट्रोल व उसी अनुपात में केमिकल मिलाया जाता है। तब यह मशीन चलती है। ऐसे में फाॅगिंग के नाम पर प्रति दिन हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -
मादा मच्छर 50 से 60 लोगों को बना सकते है निशाना
महोबा। अलग-अलग इलाकों में मच्छरों की प्रजाति अलग-अलग होती है। मादा मच्छर की उम्र नर मच्छर के मुकाबले ज्यादा होती है। मादा एडीज एक बार में 50 से 100 अंडे देती है। यह एक दिन में एक किलोमीटर तक चक्कर लगा सकती है और 50 से 60 लोगों को काट सकती है जबकि नर एडीज 100 मीटर के दायरे में ही रहते हैं।
विज्ञापन
जिले में 22 सितंबर को डेंगू का पहला मरीज मिला था। इसके बाद तो आए दिन डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। अभी तक जिले में 38 डेंगू पीड़ित मरीज सामने आ चुके हैं। डेंगू पीड़ित मरीजों में शहरवासी भी शामिल हैं। तीन दिन पहले दो साल का एक मासूम डेंगू से ग्रसित पाया गया था। इसके अलावा शहर के भटीपुरा मोहल्ला में दो सगी बहनें भी डेंगू पीड़ित मिल चुकी हैं। डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में अलग से डेंगू वार्ड बनाया गया है। जहां मरीजों का भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। बावजूद इसके शहर में पालिका प्रशासन मच्छरों की रोकथाम नहीं कर पा रही हैं। आए दिन मरीज सामने आने से पालिका की फाॅगिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का पालिका की फाॅगिंग व्यवस्था से भरोसा उठता जा रहा है। उधर, पालिका ईओ अवधेश कुमार का कहना है कि शहर में फागिंग कराई जा रही है। इसके लिए फाॅगिंग मशीनों व कर्मचारियों को लगाया गया है। समय-समय पर एंटी लार्वा का भी छिड़काव किया जाता है।
विज्ञापन
लोग बोले, सभासद दें एनओसी तभी पूरी मानी जाए फाॅगिंग
महोबा। शहर में नगर पालिका की ओर से फॉगिंग के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। पिछले माह एंटी लार्वा का छिड़काव किए जाने के लिए अभियान चलाया गया था लेकिन कई बार यह कर्मचारी काम में खानापूर्ति कर वापस आ जाते हैं। ऐसे में शहरवासियों का कहना है कि नगर पालिका के सभासदों के सामने ही फॉगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाए। फाॅगिंग व एंटी लार्वा के छिड़काव में लापरवाही के कारण मच्छर पनप रहे हैं। ऐसे में सभासदों को भी तय करना चाहिए कि उनके वार्ड में फाॅगिंग हुई की नहीं। साथ ही फाॅगिंग और एंटी लार्वा के काम को तब तक पूरा नहीं माना जाए जब तक सभासद इसकी एनओसी न दे दें।
विज्ञापन
60 लीटर डीजल, 20 लीटर पेट्रोल भरने पर दो घंटे चलती है मशीन
महोबा। फाॅगिंग के लिए शहर में नगर पालिका के पास दो बड़ी व दो छोटी मशीनें हैं। बड़ी मशीन में एक बार में पूरी क्षमता से भरने पर 60 लीटर डीजल, 20 लीटर पेट्रोल, 60 लीटर पानी व उसी अनुपात में केमिकल डाला जाता है। तब यह मशीन एक बार में दो घंटे लगातार चल पाती है जबकि छोटी मशीन हाथ में लेकर ही चलाई जा सकती है। जिसमें एक बार में पांच लीटर डीजल, तीन लीटर पेट्रोल व उसी अनुपात में केमिकल मिलाया जाता है। तब यह मशीन चलती है। ऐसे में फाॅगिंग के नाम पर प्रति दिन हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं।
मादा मच्छर 50 से 60 लोगों को बना सकते है निशाना
महोबा। अलग-अलग इलाकों में मच्छरों की प्रजाति अलग-अलग होती है। मादा मच्छर की उम्र नर मच्छर के मुकाबले ज्यादा होती है। मादा एडीज एक बार में 50 से 100 अंडे देती है। यह एक दिन में एक किलोमीटर तक चक्कर लगा सकती है और 50 से 60 लोगों को काट सकती है जबकि नर एडीज 100 मीटर के दायरे में ही रहते हैं।