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Mahoba News: पांच बोरी की मांग, एक से चलाओ काम... प्रसाद की तरह बट रही खाद

Sat, 17 Oct 2026 12:28 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2026 12:28 AM IST
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Demand for five bags
फोटो 16 एमएएचपी 10 परिचय-विनय यादव। संवाद
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लोगो == पड़ताल का ==
= 45 बीघा के किसान को 20 बोरी डीएपी के लिए लगाने होंगे 20 चक्कर
= सुबह चार बजे से लाइन में लगने के बाद भी मायूसी
= जिले की 51 समितियों में खाद के लिए जूझ रहे किसान, पर्याप्त स्टॉक के दावों के बीच रबी की बोआई पर संकट

संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा/कुलपहाड़/खन्ना। रबी की फसलों की बोआई का समय है लेकिन खेतों में बीज डालने से पहले किसानों को डीएपी के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है। जिले में खाद की कमी न होने के जिम्मेदारों के दावों के बीच किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रही है। पांच से दस बोरी डीएपी की मांग करने वाले किसान को एक बोरी का टोकन थमाया जा रहा है। इसके लिए भी सुबह चार बजे से कतार में लगना पड़ रहा है। एक दिन में जरूरत पूरी न होने पर किसानों को दोबारा समिति पहुंचना पड़ता है। ऐसे में किसानों की जुबां से निकल रहा है कि समितियों में खाद बट रही है या प्रसाद।
जनपद की 51 समितियों में कमोबेश यही हाल है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एक-एक बोरी खाद बांटकर किसानों की जरूरत कैसे पूरी होगी और समय पर बोआई कैसे हो पाएगी। कई किसान पत्नी को साथ लेकर घर के बच्चों को छोड़कर समिति पहुंचते हैं। घंटों इंतजार के बाद टोकन मिलता है तो वह भी सिर्फ एक बोरी का। इसके बाद खाद पाने के लिए दिनभर इंतजार करना पड़ता है। कई किसानों को शाम तक निराश होकर घर लौटना पड़ता है।
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तहसील कुलपहाड़ के सामने स्थित सहकारी संघ में एक हजार बोरी डीएपी वितरण के लिए भेजी गई। शुक्रवार को सुबह चार बजे से लाइन में लगे किसानों को नौ बजे तक एक हजार टोकन बांट दिए गए। यानी एक किसान को केवल एक बोरी खाद मिलनी है, चाहे उसके पास दो बीघा जमीन हो या 50 बीघा। उधर, संघ के सचिव मनीष मिश्रा का कहना है कि फिलहाल उनकी जिम्मेदारी खाद वितरण की है जबकि टोकन बांटने का काम नायब तहसीलदार देख रहे हैं। कुछ यही हाल अन्य समितियों का है। खन्ना, कबरई व श्रीनगर क्षेत्र में भी किसानों को एक-एक बोरी खाद थमाई जा रही है। ऐसे में उन्हेंं हर दिन समिति पहुंचना पड़ रहा है। इससे भीड़ कम नहीं हो रही है।
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20 किमी दूर से आया रामदीन, नहीं मिली जरूरत भर खाद
विजयपुर के किसान रामदीन के पास 15 बीघा जमीन है। उन्हें छह बोरी डीएपी की जरूरत है। बताया कि वह सुबह पांच बजे करीब 20 किमी दूर से आकर लाइन में लग गए। उम्मीद थी कि कम से कम दो बोरी खाद मिल जाएगी लेकिन एक बोरी का ही टोकन मिला। उनका कहना है कि सरकार खाद ऐसे बांट रही है, जैसे प्रसाद दिया जा रहा हो। इससे खेतों की जरूरत कैसे पूरी होगी।
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खाद के लिए भूखी-प्यासी लगी रहीं लाइन में
सिरमौर की गोमती व उसके पति राजू पाल के पास 27 बीघा जमीन है। गोमती ने बताया कि सुबह तीन बजे उठकर बच्चों के लिए खाना बनाया और खुद भूखी-प्यासी पांच बजे से लाइन में लग गईं। काफी मिन्नतों के बाद एक बोरी खाद का टोकन मिला। जरूरत इससे कहीं ज्यादा है। आज खाद नहीं मिल पाई तो अगले दिन फिर सुबह से कतार में लगना पड़ेगा।
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46 बीघा के लिए लाइन में लगना पड़ेगा 19 बार
मुढ़ारी के किसान भारत राजपूत कहते हैं कि उनके पास 46 बीघा भूमि है। उन्हें 20 बोरी डीएपी चाहिए। सुबह चार बजे लाइन में लगने के बाद नौ बजे एक बोरी का टोकन मिला। उनका कहना है कि जरूरत पूरी करने के लिए 19 बार और लाइन में लगना पड़ेगा। इसके बाद एक माह बाद यूरिया के लिए अलग से जूझना होगा। बार-बार समिति के चक्कर लगाने से खेती का काम भी प्रभावित हो रहा है।
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सात बोरी की जरूरत, एक बोरी भी नहीं मिली
ब्लॉक कबरई के ग्योड़ी गांव निवासी किसान पूजा गुप्ता ने बताया कि उनके पास 22 बीघा जमीन है। उन्हें कम से कम सात बोरी डीएपी खाद की जरूरत है लेकिन कभी सहकारी समिति से खाद उपलब्ध नहीं हो पाती। समिति में दो बार खाद वितरण हो चुकी है लेकिन एक भी बोरी खाद नसीब नहीं हुई।
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समिति की मनमानी का भुगतना पड़ता खामियाजा
ग्योड़ी के किसान विनय यादव ने बताते हैं कि हर साल उन्हें दस बोरी खाद की जरूरत पड़ती है। समिति की मनमानी के चलते खाद मुहैया नहीं हो पाती। इससे बाजार से दो हजार रुपये की डीएपी खाद लेकर बोआई करते हैं। इस बार भी यही हालात हैं।

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वर्जन
जिले में खाद की कमी नहीं है। बफर गोदाम में 4,651 एमटी यूरिया व 1,257 एमटी डीएपी उपलब्ध है। शुक्रवार को 12 समितियों में खाद का वितरण कराया गया। अन्य समितियों में भी लगातार ट्रकों के माध्यम से खाद भेजी जा रही है। भीड़ अधिक होने के चलते सभी किसानों को खाद मिल सके, इसके लिए एक-एक बोरी खाद दी जाती है। अब कुछ समितियों में दो से तीन बोरी खाद वितरण शुरू कराया गया है। 24 घंटे के अंदर जिले में 990 एमटी डीएपी की रैक आ रही है। सभी समितियों में नियमानुसार वितरण कराया जाएगा। किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। -परमानंद अनुरागी, प्रभारी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, महोबा।

फोटो 16 एमएएचपी 10 परिचय-विनय यादव। संवाद

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फोटो 16 एमएएचपी 10 परिचय-विनय यादव। संवाद

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फोटो 16 एमएएचपी 10 परिचय-विनय यादव। संवाद

फोटो 16 एमएएचपी 10 परिचय-विनय यादव। संवाद

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