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Mahoba News: क्रशर उद्यमी सीएम से मिले, बताईं समस्याएं
Wed, 23 Apr 2025 11:47 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 23 Apr 2025 11:47 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को समस्या बताते क्रशर उद्योग कल्याण समिति के पदाधिकारी। स्रोत: समिति
- फोटो : अर्जुन बांध के निरीक्षण के बाद काकुन गांव में पार्टी पदाधिकारियों से वार्ता करते जलशक्ति मंत्री। संवाद
कबरई (महोबा)। जिले के पत्थर व क्रशर उद्योग को बचाने और उसके समुचित विकास के लिए उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में उनके सरकारी आवास पर मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री को खनन व क्रशर उद्योग की समस्याओं से अवगत कराया। सीएम ने समाधान का भरोसा दिया।
खनन एवं क्रशर उद्योग कल्याण समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरि बक्स सिंह और महामंत्री देवेंद्र मिश्र के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि पड़ोसी राज्यों से उत्तर प्रदेश में अवैध रूप से उप खनिजों का परिवहन हो रहा है। इससे स्थानीय उद्योगों को नुकसान पहुंच रहा है। इस पर सीएम ने अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों पर लगाए गए 100 रुपये प्रति घनमीटर कर को बढ़ाकर 150 रुपये प्रति घनमीटर कर दिया। 50 रुपये प्रति घनमीटर के आईएसटीपी (सेस कर) में वृद्धि की उद्यमियों ने सराहना की। साथ ही उद्यमियों ने गिट्टी और डस्ट जैसे उपखनिजों का घनत्व, जो वर्तमान में 1.65 टन प्रति घन मीटर निर्धारित है, उसे खनिज नियमावली के अनुसार वास्तविक मानक 2.84 टन प्रति घन मीटर किए जाने की मांग की। बताया कि इससे राजस्व में भी वृद्धि होगी और उद्योग की पारदर्शिता बढ़ेगी। सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि घनत्व निर्धारण से संबंधित प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराकर इसे लागू किया जाएगा।
साथ ही महोबा जिले में क्रशर उद्योग के लिए बड़ी समस्या बन चुके कानपुर-लखनऊ मार्ग के रूट डायवर्जन का भी शीघ्र समाधान निकाले जाने का भरोसा दिया गया। सीएम ने कहा कि महोबा जिले में पहले से स्थापित उद्यमियों को सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। जो नए उद्यमी उद्योग स्थापित करना चाहते हैं उन्हें भी शासन-प्रशासन से पूरा समर्थन मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महोबा के खनन क्षेत्र को संरक्षित करते हुए उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाए। क्रशर उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने मुख्यमंत्री की सकारात्मक प्रतिक्रिया और समाधान के प्रति गंभीरता की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इससे न केवल स्थानीय उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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खनन एवं क्रशर उद्योग कल्याण समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरि बक्स सिंह और महामंत्री देवेंद्र मिश्र के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि पड़ोसी राज्यों से उत्तर प्रदेश में अवैध रूप से उप खनिजों का परिवहन हो रहा है। इससे स्थानीय उद्योगों को नुकसान पहुंच रहा है। इस पर सीएम ने अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों पर लगाए गए 100 रुपये प्रति घनमीटर कर को बढ़ाकर 150 रुपये प्रति घनमीटर कर दिया। 50 रुपये प्रति घनमीटर के आईएसटीपी (सेस कर) में वृद्धि की उद्यमियों ने सराहना की। साथ ही उद्यमियों ने गिट्टी और डस्ट जैसे उपखनिजों का घनत्व, जो वर्तमान में 1.65 टन प्रति घन मीटर निर्धारित है, उसे खनिज नियमावली के अनुसार वास्तविक मानक 2.84 टन प्रति घन मीटर किए जाने की मांग की। बताया कि इससे राजस्व में भी वृद्धि होगी और उद्योग की पारदर्शिता बढ़ेगी। सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि घनत्व निर्धारण से संबंधित प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराकर इसे लागू किया जाएगा।
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साथ ही महोबा जिले में क्रशर उद्योग के लिए बड़ी समस्या बन चुके कानपुर-लखनऊ मार्ग के रूट डायवर्जन का भी शीघ्र समाधान निकाले जाने का भरोसा दिया गया। सीएम ने कहा कि महोबा जिले में पहले से स्थापित उद्यमियों को सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। जो नए उद्यमी उद्योग स्थापित करना चाहते हैं उन्हें भी शासन-प्रशासन से पूरा समर्थन मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महोबा के खनन क्षेत्र को संरक्षित करते हुए उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाए। क्रशर उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने मुख्यमंत्री की सकारात्मक प्रतिक्रिया और समाधान के प्रति गंभीरता की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इससे न केवल स्थानीय उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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