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बैंक ने पढ़ाया नियम तो बेटी की पढ़ाई के गिरवी रखा खेत
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Thu, 13 Apr 2017 10:58 PM IST
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बैंक से रुपये निकालने की सीमा को लेकर अलग- अलग जानकारी होने की वजह से बेटी की पढ़ाई के लिए अभिभावक को अपना खेत गिरवी रखना पड़ा। बैंक प्रबंधक ने पांच हजार की निकासी सीमा बता कर छात्रा को टरका दिया। लेकिन आरटीआई से निकासी की सीमा 50 हजार बताई गई है। अब छात्रा के पिता ने बैंक प्रबंधक की शिकायत उच्चाधिकारियों से की है। मामला इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा बजरिया का है।
शहर के मोहल्ला फतेहपुर बजरिया निवासी रोहित शर्मा की पुत्री काजल आवंतीबाई कालेज छतरपुर में बीएससी नर्सिंग की छात्रा है। काजल को कन्या विद्याधन के तहत 30 हजार रुपये मिले। जिसे उसने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा बजरिया में जमा किया।
फीस जमा करने के लिए छात्रा अपनी मां के साथ 26 फरवरी को बैंक गई और 30 हजार रुपये का विड्राल भरा, लेकिन शाखा प्रबंधक ने महज पांच हजार रुपये की निकासी का नियम बताकर ज्यादा पैसा देने से मना कर दिया। इस पर काजल के पिता ने बोए गए खेत को गिरवी रखकर बेटी की फीस का इंतजाम किया।
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बाद में उसने आरटीआई से पैसा निकासी की सीमा के बारे में जानकारी मांगी। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी विजय पाल सिंह ने बताया कि 24 फरवरी 2016 से 50 हजार रुपये तक निकासी की जा सकती है।
यह जानकारी मिलने के बाद छात्रा के पिता ने बैंक प्रबंधक पर मनमानी का आरोप लगा महाप्रबंधक से शिकायत की है। इसमें पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में बैंक प्रबंधक गोपालदास गुप्ता का कहना है कि पांच हजार रुपये निकासी की लिमिट थी, जिससे अधिक पैसा नहीं निकाला गया। आरटीआई से मिली जानकारी को उन्होंने नकार दिया।
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शहर के मोहल्ला फतेहपुर बजरिया निवासी रोहित शर्मा की पुत्री काजल आवंतीबाई कालेज छतरपुर में बीएससी नर्सिंग की छात्रा है। काजल को कन्या विद्याधन के तहत 30 हजार रुपये मिले। जिसे उसने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा बजरिया में जमा किया।
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फीस जमा करने के लिए छात्रा अपनी मां के साथ 26 फरवरी को बैंक गई और 30 हजार रुपये का विड्राल भरा, लेकिन शाखा प्रबंधक ने महज पांच हजार रुपये की निकासी का नियम बताकर ज्यादा पैसा देने से मना कर दिया। इस पर काजल के पिता ने बोए गए खेत को गिरवी रखकर बेटी की फीस का इंतजाम किया।
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बाद में उसने आरटीआई से पैसा निकासी की सीमा के बारे में जानकारी मांगी। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी विजय पाल सिंह ने बताया कि 24 फरवरी 2016 से 50 हजार रुपये तक निकासी की जा सकती है।
यह जानकारी मिलने के बाद छात्रा के पिता ने बैंक प्रबंधक पर मनमानी का आरोप लगा महाप्रबंधक से शिकायत की है। इसमें पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में बैंक प्रबंधक गोपालदास गुप्ता का कहना है कि पांच हजार रुपये निकासी की लिमिट थी, जिससे अधिक पैसा नहीं निकाला गया। आरटीआई से मिली जानकारी को उन्होंने नकार दिया।