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जानलेवा हमले के आरोपी को 10 साल की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Mon, 10 Apr 2017 10:00 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : Pintrest
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अपर जिला सत्र न्यायाधीश महेंद्र सिंह यादव (एफटीसी) ने चार साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में सोमवार को दोष सिद्ध हो जाने पर आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
थाना अजनर के गांव टिकरिया निवासी संतोष पुत्र परमलाल के मकान की दीवार के नीचे उसका चाचा शंकर पुत्र चतुरइया टैंक बना रहा था। संतोष ने इसका विरोध किया तो शंकर रंजिश मानने लगा। चार जुलाई 2012 को संतोष खेतों से घर लौट रहा था तभी शंकर ने तमंचे से फायर कर दिया।
फायर मिस होने पर वह भागने लगा तो आरोपी ने दूसरा फायर मार दिया। पीठ में गोली लगने से संतोष घायल हो गया। थाना अजनर में शंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट 2016 की अदालत में चल रहे मुकदमे में सोमवार को न्यायाधीश दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद शंकर को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही 15 हजार का जुर्माना ठाेंका। तमंचा रखने के आरोप में दो वर्ष की सजा व चार हजार रुपये जुर्माना ठाेंका। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष से शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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थाना अजनर के गांव टिकरिया निवासी संतोष पुत्र परमलाल के मकान की दीवार के नीचे उसका चाचा शंकर पुत्र चतुरइया टैंक बना रहा था। संतोष ने इसका विरोध किया तो शंकर रंजिश मानने लगा। चार जुलाई 2012 को संतोष खेतों से घर लौट रहा था तभी शंकर ने तमंचे से फायर कर दिया।
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फायर मिस होने पर वह भागने लगा तो आरोपी ने दूसरा फायर मार दिया। पीठ में गोली लगने से संतोष घायल हो गया। थाना अजनर में शंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट 2016 की अदालत में चल रहे मुकदमे में सोमवार को न्यायाधीश दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद शंकर को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही 15 हजार का जुर्माना ठाेंका। तमंचा रखने के आरोप में दो वर्ष की सजा व चार हजार रुपये जुर्माना ठाेंका। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष से शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।