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हत्या के मामले में आठ को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Fri, 27 Jan 2017 09:35 PM IST
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अपर जिला सत्र न्यायाधीश रामकुशल ने हत्या के मामले में आठ लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सभी आरोपियों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। अदालत ने आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।
थाना श्रीनगर के ग्राम भंडरा में 25 नवंबर 2009 को पंचायत घर में अरविंद और गांव का ही मूलचंद्र खाद लेने गया था। तभी गांव के ही आठ लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते अरविंद पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। इससे अरविंद की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि गांव का मूलचंद्र ढीमर गंभीर रूप से घायल हो गया था।
घटना की रिपोर्ट मृतक के चचेरे भाई रामकरन मिश्रा ने थाना श्रीनगर में अशोक कुमार, लखन, स्वामी, रजनी, भानु, बाबूलाल, विक्रम, वंशगोपाल सहित आठ लोगों के खिलाफ हत्या और जानलेवा हमले का रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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न्यायाधीश ने शुक्रवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद अशाक, रजनी, लखन, बाबूलाल सहित सभी आठों नामजद अभियुक्तों को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। धारा 302 में सभी आरोपियों को आजीवन करावास और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना व धारा 307 में सभी आरोपियों को पांच पांच साल की सजा और पांच वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार का जुर्माना ठोंका।
सरकार पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता बाबूलाल यादव ने बताया कि दोनों सजाएं साथ साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने पर दो दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना श्रीनगर के ग्राम भंडरा में 25 नवंबर 2009 को पंचायत घर में अरविंद और गांव का ही मूलचंद्र खाद लेने गया था। तभी गांव के ही आठ लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते अरविंद पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। इससे अरविंद की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि गांव का मूलचंद्र ढीमर गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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घटना की रिपोर्ट मृतक के चचेरे भाई रामकरन मिश्रा ने थाना श्रीनगर में अशोक कुमार, लखन, स्वामी, रजनी, भानु, बाबूलाल, विक्रम, वंशगोपाल सहित आठ लोगों के खिलाफ हत्या और जानलेवा हमले का रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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न्यायाधीश ने शुक्रवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद अशाक, रजनी, लखन, बाबूलाल सहित सभी आठों नामजद अभियुक्तों को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। धारा 302 में सभी आरोपियों को आजीवन करावास और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना व धारा 307 में सभी आरोपियों को पांच पांच साल की सजा और पांच वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार का जुर्माना ठोंका।
सरकार पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता बाबूलाल यादव ने बताया कि दोनों सजाएं साथ साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने पर दो दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।