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बैंक शाखाआें में टप्पेबाजों के निशाने पर अनपढ़
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Sat, 19 Mar 2016 11:44 PM IST
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बैंकों में सक्रिय टप्पेबाज
- फोटो : अमर उजाला
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अगर बैंक में आपका खाता है,और पढ़ना लिखना नहीं आता तो चौकन्ने रहें। बैंक में किसी अजनबी से खाते में पैसा जमा करने के लिए फार्म भरवाने की गलती कतई न करें।
बैंक शाखाओं में सक्रिय टप्पेबाज जमा फार्म में अपना नाम औैर खाता संख्या दर्ज कर आपका पैसा हड़प सकते हैं। ऐसे ही एक मामले का खुलासा हुआ है।
बैंक शाखाओं में टप्पेबाज सक्रिय हैं। इनकी नजर निरक्षर ग्राहकाें पर है। यह ऐेसे ग्राहकाें से हमदर्दी जताकर जमा फार्म भरने लगते हैं। टप्पेबाज परची में अपना नाम और खाता संख्या दर्ज कर ग्राहक को थमा देते हैं।
निरक्षर ग्राहक पैसा जमा करने के बाद जब कभी निकासी करने जाता है तो पता चलता कि पैसा किसी और के खाते में जमा हो गया। स्टेट बैंक की शाखाचरखारी में ऐसा ही एक मामला सामने आया है।
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रामनगर निवासी जुगल पुत्र हग्गू का स्टेट बैंक चरखारी में खाता है। यह छह फरवरी 2016 को खाते में दस हजार रुपये जमा करने के लिए बैंक गए थे। यह बैंक में टप्पेबाज के चंगुल में फंस गए। उसने वाउचर में अपना खाता नंबर और नाम अंकित कर जुगल को थमा दिया। जुगल ने जमा परची के साथ दस हजार रुपये खाते में जमा कर दिए।
एक माह बाद यह खाते से पैसा निकालने गए तो सन्न रह गए। खाते में पैसा ही नहीं था। जुगल ने पूर्व ब्लाक प्रमुख करन सिंह के साथ बैंक पहुंचकर मैनेजर एसके दीक्षित को समस्या बताई। जमा पर्चियों की जांच में खुलासा हुआ कि जुगल के पैसे मध्य प्रदेश के एक टप्पेबाज के खाते में जमा हो गए हैं। बैंक मैनेजर ने टप्पेबाजों के खाते में रोजाना ऐसे ही रुपये जमा होने की पुष्टि की। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच के लिए कहा है।
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बैंक शाखाओं में सक्रिय टप्पेबाज जमा फार्म में अपना नाम औैर खाता संख्या दर्ज कर आपका पैसा हड़प सकते हैं। ऐसे ही एक मामले का खुलासा हुआ है।
बैंक शाखाओं में टप्पेबाज सक्रिय हैं। इनकी नजर निरक्षर ग्राहकाें पर है। यह ऐेसे ग्राहकाें से हमदर्दी जताकर जमा फार्म भरने लगते हैं। टप्पेबाज परची में अपना नाम और खाता संख्या दर्ज कर ग्राहक को थमा देते हैं।
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निरक्षर ग्राहक पैसा जमा करने के बाद जब कभी निकासी करने जाता है तो पता चलता कि पैसा किसी और के खाते में जमा हो गया। स्टेट बैंक की शाखाचरखारी में ऐसा ही एक मामला सामने आया है।
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रामनगर निवासी जुगल पुत्र हग्गू का स्टेट बैंक चरखारी में खाता है। यह छह फरवरी 2016 को खाते में दस हजार रुपये जमा करने के लिए बैंक गए थे। यह बैंक में टप्पेबाज के चंगुल में फंस गए। उसने वाउचर में अपना खाता नंबर और नाम अंकित कर जुगल को थमा दिया। जुगल ने जमा परची के साथ दस हजार रुपये खाते में जमा कर दिए।
एक माह बाद यह खाते से पैसा निकालने गए तो सन्न रह गए। खाते में पैसा ही नहीं था। जुगल ने पूर्व ब्लाक प्रमुख करन सिंह के साथ बैंक पहुंचकर मैनेजर एसके दीक्षित को समस्या बताई। जमा पर्चियों की जांच में खुलासा हुआ कि जुगल के पैसे मध्य प्रदेश के एक टप्पेबाज के खाते में जमा हो गए हैं। बैंक मैनेजर ने टप्पेबाजों के खाते में रोजाना ऐसे ही रुपये जमा होने की पुष्टि की। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच के लिए कहा है।