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लाखों रुपये लेकर भाग रही प्राइवेट कंपनी के दो अधिकारी गिरफ्तार
Updated Sat, 16 Jun 2018 11:32 PM IST
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महोबा। नौकरी दिलाने के नाम पर प्राइवेट कंपनी द्वारा दो दर्जन से अधिक युवाओं और युवतियों से 18-18 हजार रुपये जमा कराने और रातो रात कार्यालय खाली कर कंपनी के भागने की भनक लगने पर पीड़ितों ने कंपनी के दो अधिकारियों का घेराव करते हुए कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस कंपनी के अधिकारी बताने वाले महिला समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। पुलिस मामले की जांच करते हुए पूछताछ कर रही है।
शहर के प्राइवेट बस स्टैंड के समीप स्मार्ट वैल्यू के नाम से एक प्राइवेट कंपनी संचालित थी। जिसमें युवाओं व युवतियों से नौकरी दिलाने के नाम पर 18-18 हजार रुपये जमा कराए गए थे। एक माह में ट्रेनिंग के बाद नौकरी दिलाने का वायदा किया गया था। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के दो दर्जन से अधिक युवाओं ने पैसा जमा किया था। एक माह गुजर जाने के बाद युवाओं से स्मार्ट वैल्यू प्रोडक्ट बेचने की बात कही गई। तीन दिन से कंपनी का कार्यालय बंद होने से युवक चक्कर लगा रहे थे। शुक्रवार की रात कंपनी में पैसा जमा करने वाले युवाओं को भनक लगी की कंपनी ने कार्यालय खाली कर दिया है और भागने की फिराक में है। जिस पर पीड़ितों ने हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ किराए का कमरा लेकर रह रहे कंपनी के दो अधिकारियों के आवास पर घेराव कर दिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस महिला समेत दो अधिकारियों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
ठगी का शिकार बनी बजरिया निवासी ममता, कबरई निवासी दीपिका व सरोज, भटेवर निवासी नीरज आदि ने बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे पैसा जमा कराया गया था। कंपनी के भागने की जानकारी होने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। शनिवार को कोतवाली पहुंचे पीड़ितों ने पैसा वापस दिलाए जाने की मांग करते हुए कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर कोतवाली प्रभारी विक्रमाजीत सिंह का कहना है कि कंपनी के लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद ही कंपनी के बारे में पता चल सकेगा। फिलहाल जिन लोगों ने कंपनी में पैसा जमा किया था उनका पैसा वापस कराया जा रहा है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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लाखों रुपये लेकर भाग रही प्राइवेट कंपनी के दो अधिकारी गिरफ्तार
- नौकरी दिलाने के नाम पर कंपनी ने जमा कराए थे 18-18 हजार रुपये
- तीन दिन से कार्यालय बंद होने व कर्मचारियों के भागने की सूचना पर पीड़ितों ने किया घेराव
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शहर के प्राइवेट बस स्टैंड के समीप स्मार्ट वैल्यू के नाम से एक प्राइवेट कंपनी संचालित थी। जिसमें युवाओं व युवतियों से नौकरी दिलाने के नाम पर 18-18 हजार रुपये जमा कराए गए थे। एक माह में ट्रेनिंग के बाद नौकरी दिलाने का वायदा किया गया था। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के दो दर्जन से अधिक युवाओं ने पैसा जमा किया था। एक माह गुजर जाने के बाद युवाओं से स्मार्ट वैल्यू प्रोडक्ट बेचने की बात कही गई। तीन दिन से कंपनी का कार्यालय बंद होने से युवक चक्कर लगा रहे थे। शुक्रवार की रात कंपनी में पैसा जमा करने वाले युवाओं को भनक लगी की कंपनी ने कार्यालय खाली कर दिया है और भागने की फिराक में है। जिस पर पीड़ितों ने हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ किराए का कमरा लेकर रह रहे कंपनी के दो अधिकारियों के आवास पर घेराव कर दिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस महिला समेत दो अधिकारियों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
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ठगी का शिकार बनी बजरिया निवासी ममता, कबरई निवासी दीपिका व सरोज, भटेवर निवासी नीरज आदि ने बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे पैसा जमा कराया गया था। कंपनी के भागने की जानकारी होने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। शनिवार को कोतवाली पहुंचे पीड़ितों ने पैसा वापस दिलाए जाने की मांग करते हुए कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर कोतवाली प्रभारी विक्रमाजीत सिंह का कहना है कि कंपनी के लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद ही कंपनी के बारे में पता चल सकेगा। फिलहाल जिन लोगों ने कंपनी में पैसा जमा किया था उनका पैसा वापस कराया जा रहा है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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लाखों रुपये लेकर भाग रही प्राइवेट कंपनी के दो अधिकारी गिरफ्तार
- नौकरी दिलाने के नाम पर कंपनी ने जमा कराए थे 18-18 हजार रुपये
- तीन दिन से कार्यालय बंद होने व कर्मचारियों के भागने की सूचना पर पीड़ितों ने किया घेराव