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बैंकिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने को साइवर सेल गठित
Updated Wed, 10 Oct 2018 11:25 PM IST
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महोबा। जिले में बैंकिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी कर खातों से धनराशि गायब करने वालों की अब खैर नहीं है। जिले में साइबर सेल का गठन कर दिया है, जो वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए गेटवे के माध्यम से पैसा वापस खाते में मंगाएगा। बशर्ते धोखाधड़ी की शिकायत 24 घंटे के अंदर साइबर सेल को देनी होगी।
पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि जिले में आएदिन एटीएम से धनराशि का गलत आहरण, धोखाधड़ी कर पासवर्ड लेकर ऑनलाइन खरीददारी करने, खातों से दूसरे खाते में धोखाधड़ी से पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर करने जैसी प्रमुख मामले सामने आ रहे है। जिसका निदान आसानी से नहीं हो पाता और पीड़ित परेशान होकर बैंक के चक्कर लगाता रहता है। उन्होंने बताया कि इन घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस कर्मियों को आगरा और लखनऊ से साइबर इकोनॉमिक क्राइम रोकने और घटना का खुलासा करने की ट्रेनिंग आईटी एक्सपर्टों के बीच कराई गई है। धोखाधड़ी के सभी ऐसे मामलों में पीड़ित की शिकायत तत्काल सेल में आना जरूरी है। 24 घंटे के अंदर उसका निराकरण कराया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन फंड ट्रांसफर में मुख्य विचोलियों की भूमिका निभाने वाले गेटवे के माध्यम से पैसा वापस खाते में मंगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि फंड ट्रांसफर में 24 घंटे का समय लगता है। इसी बीच उसे शिकायत पर वापस कराया जा सकेगा। एसपी की इस पहल से धोखाधड़ी के शिकार होने वालों ने राहत की सांस ली है।
बैंकिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने को साइबर सेल गठित
- मामला दर्ज होते ही गेवे से वापस होगी धोखाधड़ी की राशि
पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि जिले में आएदिन एटीएम से धनराशि का गलत आहरण, धोखाधड़ी कर पासवर्ड लेकर ऑनलाइन खरीददारी करने, खातों से दूसरे खाते में धोखाधड़ी से पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर करने जैसी प्रमुख मामले सामने आ रहे है। जिसका निदान आसानी से नहीं हो पाता और पीड़ित परेशान होकर बैंक के चक्कर लगाता रहता है। उन्होंने बताया कि इन घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस कर्मियों को आगरा और लखनऊ से साइबर इकोनॉमिक क्राइम रोकने और घटना का खुलासा करने की ट्रेनिंग आईटी एक्सपर्टों के बीच कराई गई है। धोखाधड़ी के सभी ऐसे मामलों में पीड़ित की शिकायत तत्काल सेल में आना जरूरी है। 24 घंटे के अंदर उसका निराकरण कराया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन फंड ट्रांसफर में मुख्य विचोलियों की भूमिका निभाने वाले गेटवे के माध्यम से पैसा वापस खाते में मंगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि फंड ट्रांसफर में 24 घंटे का समय लगता है। इसी बीच उसे शिकायत पर वापस कराया जा सकेगा। एसपी की इस पहल से धोखाधड़ी के शिकार होने वालों ने राहत की सांस ली है।
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बैंकिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने को साइबर सेल गठित
- मामला दर्ज होते ही गेवे से वापस होगी धोखाधड़ी की राशि