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हत्या के मामले में ससुर को आजीवन कारावास
Updated Fri, 09 Jun 2017 11:03 PM IST
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हत्या में दोषी ससुर को उम्रकैद
महोबा।
महिला को जला कर हत्या करने में ससुर कोेेेेेेेे शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोष सिद्ध न होने पर सास, ननद व पति को अदालत ने बरी कर दिया।
थाना खन्ना के खम्हरिया गांव में सुनीता का गांव के ही युवक पप्पू पुत्र आनंदी निषाद से प्रेम हो गया था। दोनों में प्रेम प्रसंग बढ़ जाने पर सुनीता के पिता ने गांव में पंचायत बुलाई। पंचायत में सुनीता को बहू के रूप में आनंदी ने स्वीकार कर लिया।
इसके बाद बेटे पप्पू को सूरत भेज दिया। बेटे के सूरत जाने के बाद ससुरालीजनों ने उसे आठ सिंतबर 2011 को जलाकर मार डाला। मृतका के पिता राजाराम ने ससुर आनंदी, सास कुंजन और ननद गीता व संगीता व पति पप्पू पर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पांचों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की।
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कोर्ट ने ससुर आनंदी को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि सास कुंजन ननद गीता व संगीता और मृतका के पति पप्पू पर दोष सिद्ध न होने पर अदालत ने चारों को बरी कर दिया। इस मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह ने की।
-दोष सिद्ध न होने पर अदालत ने चार को किया बरी
-आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
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महोबा।
महिला को जला कर हत्या करने में ससुर कोेेेेेेेे शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोष सिद्ध न होने पर सास, ननद व पति को अदालत ने बरी कर दिया।
थाना खन्ना के खम्हरिया गांव में सुनीता का गांव के ही युवक पप्पू पुत्र आनंदी निषाद से प्रेम हो गया था। दोनों में प्रेम प्रसंग बढ़ जाने पर सुनीता के पिता ने गांव में पंचायत बुलाई। पंचायत में सुनीता को बहू के रूप में आनंदी ने स्वीकार कर लिया।
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इसके बाद बेटे पप्पू को सूरत भेज दिया। बेटे के सूरत जाने के बाद ससुरालीजनों ने उसे आठ सिंतबर 2011 को जलाकर मार डाला। मृतका के पिता राजाराम ने ससुर आनंदी, सास कुंजन और ननद गीता व संगीता व पति पप्पू पर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पांचों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की।
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कोर्ट ने ससुर आनंदी को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि सास कुंजन ननद गीता व संगीता और मृतका के पति पप्पू पर दोष सिद्ध न होने पर अदालत ने चारों को बरी कर दिया। इस मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह ने की।
-दोष सिद्ध न होने पर अदालत ने चार को किया बरी
-आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया