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आत्महत्या के लिए प्रेरित करने पर आरोपी को सात साल की सजा
Updated Tue, 21 Aug 2018 09:32 PM IST
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महोबा। छेड़खानी से आहत किशोरी द्वारा आग लगाकर जान देने के मामले में अदालत ने तीन साल बाद फैसला सुनाते हुए आरोपी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी ठहराते हुए उसे सात साल की सजा सुनाई। साथ ही 11 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।
थाना अजनर के ग्राम खिरियाकला निवासी 16 वर्षीय फातमा 11 नवंबर 2015 को शाम चार बजे अकेले शौच क्रिया के लिए गांव के बाहर गई थी। जहां पर विजय सिंह पुत्र लक्ष्मी राजपूत ने किशोरी को बुरी नियत से पकड़ लिया और छेड़खानी कर दी। किशोरी ने घर आकर परिजनों से शिकायत की। इसके बाद किशोरी का पिता विजय सिंह के घर शिकायत करने गया जबकि मां खेत गई हुई थी। इसी बीच किशोरी ने घर पर आग लगाकर जान दे दी। घटना की रिपोर्ट मृतका के पिता ने थाना अजनर में विजय सिंह के खिलाफ दर्ज कराई थी।
अपर जिला सत्र न्यायाधीश रामकिशोर शुक्ला ने मंगलवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद विजय सिंह को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी ठहराते हुए उसे सात साल की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार का जुर्माना ठोंका। छेड़खानी के आरोप में तीन साल की सजा तीन हजार रुपये जुर्माना, पॉस्को एक्ट में तीन साल की सजा और तीन हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। शासकीय अधिवक्ता इरेंद्र बाबू ने बताया कि तीनों सजाएं साथ साथ चलेगी। आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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आत्महत्या के लिए प्रेरित करने पर आरोपी को सात साल की सजा
-छेड़खानी से आहत किशोरी ने आग लगाकर दे दी थी जान
थाना अजनर के ग्राम खिरियाकला निवासी 16 वर्षीय फातमा 11 नवंबर 2015 को शाम चार बजे अकेले शौच क्रिया के लिए गांव के बाहर गई थी। जहां पर विजय सिंह पुत्र लक्ष्मी राजपूत ने किशोरी को बुरी नियत से पकड़ लिया और छेड़खानी कर दी। किशोरी ने घर आकर परिजनों से शिकायत की। इसके बाद किशोरी का पिता विजय सिंह के घर शिकायत करने गया जबकि मां खेत गई हुई थी। इसी बीच किशोरी ने घर पर आग लगाकर जान दे दी। घटना की रिपोर्ट मृतका के पिता ने थाना अजनर में विजय सिंह के खिलाफ दर्ज कराई थी।
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अपर जिला सत्र न्यायाधीश रामकिशोर शुक्ला ने मंगलवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद विजय सिंह को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी ठहराते हुए उसे सात साल की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार का जुर्माना ठोंका। छेड़खानी के आरोप में तीन साल की सजा तीन हजार रुपये जुर्माना, पॉस्को एक्ट में तीन साल की सजा और तीन हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। शासकीय अधिवक्ता इरेंद्र बाबू ने बताया कि तीनों सजाएं साथ साथ चलेगी। आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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आत्महत्या के लिए प्रेरित करने पर आरोपी को सात साल की सजा
-छेड़खानी से आहत किशोरी ने आग लगाकर दे दी थी जान