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महोबा के हिस्ट्रीशीटर की एमपी में गोली मारकर हत्या
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अजनर (महोबा)। खमा गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर बाल किशुन चौबे की शनिवार की रात मध्यप्रदेश के कस्बा नौगांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उस पर उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में 18 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह चार वर्ष से कस्बा नौगांव में रहकर प्रापर्टी डीलिंग का काम करता था। सूचना मिलने पर जिले की पुलिस मध्यप्रदेश के नौगांव के लिए रवाना हो गई है।
अजनर थाना क्षेत्र के खमा गांव निवासी बाल किशुन चौबे (55) हिस्ट्रीशीटर था। चार वर्ष पहले वह गांव छोड़कर मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के कस्बा नौगांव में रहने लगा था। बताया जा रहा है कि शनिवार की रात नौगांव स्थित आशीष गुप्ता के गैराज में खाने पीने के दौरान उसका कुछ लोगों से विवाद हो गया। इस पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। छतरपुर के एसपी सचिन शर्मा ने घटना स्थल पर पहुंचकर जायजा लिया और जांच के आदेश दिए।
बाल किशुन चौबे के खिलाफ अजनर थाने में लगभग दस मुकदमे दर्ज हैं। सबसे पहला मुकदमा चोरी का वर्ष 1984 में दर्ज हुआ था। इसके बाद मारपीट व जान से मारने के प्रयास के मामले दर्ज हुए। वर्ष 1999 में गुंडा एक्ट की कार्रवाई हुई और कुछ दिन बाद जानलेवा हमले के आरोप में बाल किशुन जेल गया था। वर्ष 2013 में धोखाधड़ी व उसके बाद मिनी गुंडा एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। तभी से वह अजनर थाने का हिस्ट्रीशीटर था।
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उधर, अजनर थानाध्यक्ष श्याम प्रताप पटेल का कहना है कि बाल किशुन सक्रिय अपराधी था। वह नौगांव में रहकर प्रापर्टी डीलिंग का काम करता था। उस पर एमपी के थानों में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। उसकी गोली मारकर हत्या की जानकारी मिली है। थाने की पुलिस मध्यप्रदेश के नौगांव भेजी गई है।
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अजनर थाना क्षेत्र के खमा गांव निवासी बाल किशुन चौबे (55) हिस्ट्रीशीटर था। चार वर्ष पहले वह गांव छोड़कर मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के कस्बा नौगांव में रहने लगा था। बताया जा रहा है कि शनिवार की रात नौगांव स्थित आशीष गुप्ता के गैराज में खाने पीने के दौरान उसका कुछ लोगों से विवाद हो गया। इस पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। छतरपुर के एसपी सचिन शर्मा ने घटना स्थल पर पहुंचकर जायजा लिया और जांच के आदेश दिए।
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बाल किशुन चौबे के खिलाफ अजनर थाने में लगभग दस मुकदमे दर्ज हैं। सबसे पहला मुकदमा चोरी का वर्ष 1984 में दर्ज हुआ था। इसके बाद मारपीट व जान से मारने के प्रयास के मामले दर्ज हुए। वर्ष 1999 में गुंडा एक्ट की कार्रवाई हुई और कुछ दिन बाद जानलेवा हमले के आरोप में बाल किशुन जेल गया था। वर्ष 2013 में धोखाधड़ी व उसके बाद मिनी गुंडा एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। तभी से वह अजनर थाने का हिस्ट्रीशीटर था।
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उधर, अजनर थानाध्यक्ष श्याम प्रताप पटेल का कहना है कि बाल किशुन सक्रिय अपराधी था। वह नौगांव में रहकर प्रापर्टी डीलिंग का काम करता था। उस पर एमपी के थानों में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। उसकी गोली मारकर हत्या की जानकारी मिली है। थाने की पुलिस मध्यप्रदेश के नौगांव भेजी गई है।