{"_id":"602d56b98ebc3ee8f1663dc4","slug":"crime-mahoba-news-knp612479192","type":"story","status":"publish","title_hn":"धोखाधड़ी करके किसान की भूमि बंधक बनाकर 2.85 लाख रुपये निकाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धोखाधड़ी करके किसान की भूमि बंधक बनाकर 2.85 लाख रुपये निकाले
विज्ञापन
महोबा। कोतवाली क्षेत्र के बीजानगर गांव में सात वर्ष पहले भाई के नाम दर्ज जमीन के फर्जी कागजात तैयार कर धोखाधड़ी करके भूमि बंधक बनाकर आर्यावर्त बैंक शाखा से 2.85 लाख रुपये निकाल लिए गए। न्यायालय के आदेश पर बैंक प्रबंधक समेत दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बीजानगर गांव निवासी श्यामलाल के नाम आठ बीघा जमीन है। वर्ष 2014 में श्यामलाल के भाई नवल किशोर ने बैंक के अधिकारियों से साठगांठ कर अपने भाई श्यामलाल की जमीन के फर्जी कागजात तैयार कराए और धोखाधड़ी करके जमीन बंधक बनाकर आर्यावर्त बैंक की विकास भवन शाखा से 2.85 लाख रुपये निकाल लिए। वर्ष 2015 में श्यामलाल को भूमि बंधक होने की जानकारी हुई तो उसने बैंक जाकर जानकारी की। तब धोखाधड़ी का पता चला।
पीड़ित ने कोतवाली में शिकायत की, लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय के आदेश पर शहर कोतवाली में आर्यावर्त बैंक के तत्कालीन प्रबंधक व नवल किशोर के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना कोतवाली के एसएसआई आनंद कुमार को सौंपी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीजानगर गांव निवासी श्यामलाल के नाम आठ बीघा जमीन है। वर्ष 2014 में श्यामलाल के भाई नवल किशोर ने बैंक के अधिकारियों से साठगांठ कर अपने भाई श्यामलाल की जमीन के फर्जी कागजात तैयार कराए और धोखाधड़ी करके जमीन बंधक बनाकर आर्यावर्त बैंक की विकास भवन शाखा से 2.85 लाख रुपये निकाल लिए। वर्ष 2015 में श्यामलाल को भूमि बंधक होने की जानकारी हुई तो उसने बैंक जाकर जानकारी की। तब धोखाधड़ी का पता चला।
विज्ञापन
पीड़ित ने कोतवाली में शिकायत की, लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय के आदेश पर शहर कोतवाली में आर्यावर्त बैंक के तत्कालीन प्रबंधक व नवल किशोर के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना कोतवाली के एसएसआई आनंद कुमार को सौंपी गई है।
विज्ञापन