{"_id":"5fef63dc8ebc3e3b6e55c8a6","slug":"congress-police-vivad-mahoba-news-knp6034436174","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार चाहे जितने मुकदमे लगवा दे, गाय माता को बचाने की जारी रहेगी मुहिम- आदित्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार चाहे जितने मुकदमे लगवा दे, गाय माता को बचाने की जारी रहेगी मुहिम- आदित्य
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोबा। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ ने कहा कि महोबा में कांग्रेस पदाधिकारी शांतिपूर्ण ढंग से पदयात्रा निकाल रहे थे। तभी पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आतंकवादी जैसा बर्ताव किया गया। पदयात्रा निकालने पर उनके खिलाफ सात आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया, जबकि पुलिस से कोई अभद्रता व तोड़फोड़ नहीं की गई। प्रदेश सरकार उन पर चाहे जितने मुकदमे क्यों न लगवा दे, वह गोरक्षा की मुहिम जारी रखेंगे। महोबा के कबरई थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री मोबाइल पर अमर उजाला से बातचीत कर रहे थे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गाय हमारी माता है। गाय को बचाने के लिए कांग्रेस ने जो यात्राएं निकाली उनका एकमात्र उद्देश्य ठंड, बीमारी और भूख से मरने वाली गाय माता को बचाना है। जब हमारी पदयात्रा महोबा में शांतिपूर्ण ढंग से निकल रही थी। तभी पुलिस ने अकारण लाठीचार्ज किया और हिरासत में लेकर पुलिस लाइन के खुले मैदान में बैठाया गया। जहां न तो टॉयलेट थी और न ही पानी की कोई व्यवस्था थी। अगले दिन 390 पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि उनके घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के यहां गुहार लगाई तब छुटकारा मिला। ऐसी अघोषित आपातकाल की स्थिति योगीराज में ही देखने को मिलती है। यदि सरकार की नीयत और नीति ठीक है तो झूठे मुकदमे हटाना चाहिए और गाय माता को बचाने की मुहिम को समर्थन देना चाहिए। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा। जब तक गायों का मरना बंद नहीं होगा।
विज्ञापन
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गाय हमारी माता है। गाय को बचाने के लिए कांग्रेस ने जो यात्राएं निकाली उनका एकमात्र उद्देश्य ठंड, बीमारी और भूख से मरने वाली गाय माता को बचाना है। जब हमारी पदयात्रा महोबा में शांतिपूर्ण ढंग से निकल रही थी। तभी पुलिस ने अकारण लाठीचार्ज किया और हिरासत में लेकर पुलिस लाइन के खुले मैदान में बैठाया गया। जहां न तो टॉयलेट थी और न ही पानी की कोई व्यवस्था थी। अगले दिन 390 पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि उनके घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के यहां गुहार लगाई तब छुटकारा मिला। ऐसी अघोषित आपातकाल की स्थिति योगीराज में ही देखने को मिलती है। यदि सरकार की नीयत और नीति ठीक है तो झूठे मुकदमे हटाना चाहिए और गाय माता को बचाने की मुहिम को समर्थन देना चाहिए। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा। जब तक गायों का मरना बंद नहीं होगा।
विज्ञापन