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सीएम ने दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ, दिखाया गया लाइव प्रसारण
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महोबा। युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने व उनमें उद्यमिता विकसित करने को लेकर मुख्यमंत्री ने दो नई योजनाओं मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम व कौशल सतरंग के अंतर्गत नए कार्यक्रमों को व्यापक रूप से क्रियान्वित करने की घोषणा की है। सीएम ने लोकभवन में इनका शुभारंभ किया, सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में दिखाया गया।
जिलाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी हीरा सिंह की मौजूदगी में विकास खंड स्तर पर सभी खंड विकास अधिकारियों, आईटीआई व कौशल विकास मिशन केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सजीव प्रसारण दिखाया गया। इस मौके पर डीएम ने कहा कि कौशल सतरंग कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के अल्पशिक्षित बेरोजगार युवाओं को नि:शुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि युवाओं को स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। इनमें दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना प्रमुख है। डीएम ने बताया कि नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के सेवायोजक को अप्रेंटिसशिप के लिए भुगतान की जानी वाली धनराशि के 25 प्रतिशत अधिकतम 1,500 रुपये प्रतिमाह की प्रतिपूर्ति की जाती है, लेकिन अब मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के लागू होने से सेवायोजक प्रतिष्ठानों को भारत सरकार से प्राप्त होने वाली प्रतिपूर्ति की धनराशि के साथ ही प्रति अप्रेंटिस एक हजार रुपये प्रतिमाह की प्रतिपूर्ति की जाएगी। कुल 2,500 रुपये प्रतिमाह की सब्सिडी प्राप्त होगी। इससे प्रशिक्षित युवाओं को अप्रेंटिसशिप के और अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही कुशल श्रमशक्ति की उपलब्धता से उद्योगों की परफार्मेंस में सुधार होगा। इस मौके पर जिला सेवायोजन अधिकारी राममूर्ति, आईटीआई के प्राचार्य राजकुमार, कौशल विकास केंद्र के प्रबंधक अरुणेंद्र शुक्ला आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी हीरा सिंह की मौजूदगी में विकास खंड स्तर पर सभी खंड विकास अधिकारियों, आईटीआई व कौशल विकास मिशन केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सजीव प्रसारण दिखाया गया। इस मौके पर डीएम ने कहा कि कौशल सतरंग कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के अल्पशिक्षित बेरोजगार युवाओं को नि:शुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि युवाओं को स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। इनमें दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना प्रमुख है। डीएम ने बताया कि नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के सेवायोजक को अप्रेंटिसशिप के लिए भुगतान की जानी वाली धनराशि के 25 प्रतिशत अधिकतम 1,500 रुपये प्रतिमाह की प्रतिपूर्ति की जाती है, लेकिन अब मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के लागू होने से सेवायोजक प्रतिष्ठानों को भारत सरकार से प्राप्त होने वाली प्रतिपूर्ति की धनराशि के साथ ही प्रति अप्रेंटिस एक हजार रुपये प्रतिमाह की प्रतिपूर्ति की जाएगी। कुल 2,500 रुपये प्रतिमाह की सब्सिडी प्राप्त होगी। इससे प्रशिक्षित युवाओं को अप्रेंटिसशिप के और अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही कुशल श्रमशक्ति की उपलब्धता से उद्योगों की परफार्मेंस में सुधार होगा। इस मौके पर जिला सेवायोजन अधिकारी राममूर्ति, आईटीआई के प्राचार्य राजकुमार, कौशल विकास केंद्र के प्रबंधक अरुणेंद्र शुक्ला आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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