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Mahoba News: सात साल से जीपीएफ खाते में फर्जीवाड़ा कर रहा था लिपिक

Sat, 12 Sep 2026 12:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:21 AM IST
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Clerk had been committing fraud in GPF accounts for seven years.
महोबा। जिला महिला अस्पताल में जीपीएफ खातों से 85 लाख के गबन के मामले की परतें अब खुलने लगी हैं। अस्पताल में तैनात वरिष्ठ लिपिक करीब सात साल से जीपीएफ खातों में फर्जीवाड़ा कर रहा था। खाते में जीपीएफ की कम रकम होने के बाद भी कूटरचित अभिलेख लगाकर अधिक रकम की निकासी की गई। लिपिक ने अस्पताल में हर सीएमएस के बदलते ही फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।
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महिला अस्पताल में तैनात लिपिक संतोष कुमार वर्मा ने अपने जीपीएफ खाते व एक-दो अन्य कर्मियों के खातों में कम रकम होने के बाद भी कूटरचित दस्तावेज से किस्तों में 85 लाख रुपये निकाल लिए थे। सरकारी धन के गबन का यह मामला जनपद प्रयागराज से आई ऑडिट टीम ने 17 अगस्त को पकड़ा था। लिपिक के साथ ही विभाग के चालक अंबिका के जीपीएफ खाते से करीब नौ लाख रुपये निकलने की बात सामने आई थी।
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चालक का कहना था कि उसने लिपिक से बच्चे के स्कूल में प्रवेश के लिए जीपीएफ की धनराशि निकालने की चर्चा की थी। उसने किसी प्रकार का आवेदन नहीं किया था। इसके बाद भी रुपये निकल गए। मामला स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद लिपिक और चालक के खाते सीज कर दिए गए हैं। साथ ही वेतन पर भी रोक लगा दी गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि लिपिक ने यह रकम एक बार में नहीं निकाली। सात साल पहले उसकी तैनाती जनपद ललितपुर में थी जहां से उसने जीपीएफ खाते में फर्जीवाड़े का खेल शुरू किया था। बाद में उसका स्थानांतरण महोबा हो गया। यहां भी उसने जितने भी सीएमएस तैनात रहे, उन सभी के कार्यकाल में कूटरचित दस्तावेज लगाकर रकम निकाली। सीएमएस डॉ. रमाकांत चौरिहा ने बताया कि जीपीएफ में गड़बड़झाले की जांच चल रही है। रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की गई है। लिपिक संतोष कुमार कई वर्षों से गड़बड़झाला कर रहा था। उनके कार्यकाल भी उसने जीपीएफ खाते से रकम निकाली। सभी अभिलेख एकत्र किए जा रहे हैं।
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बांदा में भी गड़बड़झाला उजागर होने के बाद जांच में तेजी

जनपद बांदा में भी जीपीएफ खातों में 93 लाख का गड़बड़झाला उजागर होने के बाद जांच तेज हो गई है। महोबा की तरह बांदा में भी पांच कर्मचारियों के खातों में गड़बड़ी मिली है। बांदा में घोटाला सामने आने के बाद महोबा जीपीएफ मामले की जांच तेज हो गई है। पर्चियों का मिलान कराने के साथ अभिलेख एकत्र किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लिपिक और चालक के खातों को सीज करने के साथ वेतन पर भी रोक लगाई है। जल्द ही रिकवरी होने व दोषी लिपिक पर विभागीय कार्रवाई होने की उम्मीद है।
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