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कबरई बांध लबालब और घर के बर्तन सूखे पड़े
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पानी से लबालब भरा कबरई बांध।
- फोटो : MAHOBA
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कबरई (महोबा)। अर्जुन सहायक परियोजना के तहत पेयजल व सिंचाई सुविधा के लिए करोड़ों की लागत से उच्चीकृत कराया गया कबरई बांध इस समय पानी से लबालब है। बावजूद इसके कस्बावासी बूंद-बूंद पानी को मोहताज हैं। दो दशक पहले कस्बे में बिछाई गई पाइपलाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। इस वजह से एक वर्ष से कस्बे में जलापूर्ति ठप है। करीब 40 हजार आबादी की प्यास टैंकरों से बुझ रही है।
कस्बे में कबरई बांध से ही पेयजल आपूर्ति की जाती रही है। एक वर्ष पहले तक गर्मी में कबरई बांध में पानी नहीं रहता था। इस वजह से आपूर्ति ठप हो जाती थी। लोगों की समस्या को देखते हुए 2,055 हेक्टेयर भूमि में कबरई बांध का विस्तार कराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2,655 करोड़ से बनी अर्जुन सहायक परियोजना का महोबा आकर 19 नवंबर 2021 को शुभारंभ किया था। अब बांध में पानी की समस्या खत्म हुई तो जर्जर पाइप लाइनों ने आपूर्ति रोक ली। बांध भरा होने के बाद भी कस्बे में पेयजल को लेकर मारामारी मची है।
कस्बे में पानी की आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए वर्ष 2020 में 17 करोड़ की लागत से कबरई पेयजल योजना शुरू की गई। इसे जून 2021 में पूरा होना था। मगर बजट के अभाव में काम रुक गया। अभी तक 60 फीसदी ही काम पूरा है।
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पहले बांध में पानी की कमी का रोना था। अब जर्जर पाइप लाइन की समस्या आ खड़ी हुई। लोग बूंद-बूंद पानी को परेशान हैं। टैंकर से कभी पानी मिला, कभी नहीं। जीवन नर्क जैसा हो गया है। राहुल गुप्ता, कबरई।
जिम्मेदार अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को दुरुस्त कराने की जहमत नहीं उठाई। टैंकरों से की जा रही आपूर्ति नाकाफी है। नई योजना का पता नहीं कब लाभ मिलेगा। अनूप सिंह, इंदिरानगर।
नई योजना का काम फिर से शुरू करा दिया गया है। दिसंबर 2022 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। छह महीने बाद समस्या खत्म हो जाएगी। नीरज करपात्री, अवर अभियंता, जल निगम (नगरीय) हमीरपुर
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कस्बे में कबरई बांध से ही पेयजल आपूर्ति की जाती रही है। एक वर्ष पहले तक गर्मी में कबरई बांध में पानी नहीं रहता था। इस वजह से आपूर्ति ठप हो जाती थी। लोगों की समस्या को देखते हुए 2,055 हेक्टेयर भूमि में कबरई बांध का विस्तार कराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2,655 करोड़ से बनी अर्जुन सहायक परियोजना का महोबा आकर 19 नवंबर 2021 को शुभारंभ किया था। अब बांध में पानी की समस्या खत्म हुई तो जर्जर पाइप लाइनों ने आपूर्ति रोक ली। बांध भरा होने के बाद भी कस्बे में पेयजल को लेकर मारामारी मची है।
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कस्बे में पानी की आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए वर्ष 2020 में 17 करोड़ की लागत से कबरई पेयजल योजना शुरू की गई। इसे जून 2021 में पूरा होना था। मगर बजट के अभाव में काम रुक गया। अभी तक 60 फीसदी ही काम पूरा है।
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पहले बांध में पानी की कमी का रोना था। अब जर्जर पाइप लाइन की समस्या आ खड़ी हुई। लोग बूंद-बूंद पानी को परेशान हैं। टैंकर से कभी पानी मिला, कभी नहीं। जीवन नर्क जैसा हो गया है। राहुल गुप्ता, कबरई।
जिम्मेदार अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को दुरुस्त कराने की जहमत नहीं उठाई। टैंकरों से की जा रही आपूर्ति नाकाफी है। नई योजना का पता नहीं कब लाभ मिलेगा। अनूप सिंह, इंदिरानगर।
नई योजना का काम फिर से शुरू करा दिया गया है। दिसंबर 2022 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। छह महीने बाद समस्या खत्म हो जाएगी। नीरज करपात्री, अवर अभियंता, जल निगम (नगरीय) हमीरपुर