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Mahoba News: एमए हिंदी के पाठ्यक्रम में शामिल होगी बुंदेली भाषा
Sat, 22 Feb 2025 09:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 22 Feb 2025 09:56 PM IST
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महोबा। बुंदेली भाषा को लेकर सजग रहने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। शहर के वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय में संचालित उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के अध्ययन केंद्र में एमए हिन्दी की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं अब बुंदेली भाषा की भी शिक्षा ग्रहण करेंगे। मुक्त विवि की ओर से पहल करते हुए एमए हिंदी के संशोधित पाठ्यक्रम में भोजपुरी, अवधी, ब्रज के साथ ही बुंदेली भाषा को भी शामिल किया गया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत्यकाम ने इसको लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। कहा है कि प्रवेश सत्र जुलाई 2025 में यह संशोधित पाठ्यक्रम शिक्षार्थियों के लिए उपलब्ध होगा। उत्तर प्रदेश राज्य की स्थानीय बोलियों भोजपुरी, अवधी, ब्रज और बुंदेलखंडी को उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्रवाई में स्थान देने के बाद अब मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इससे भाषाई विविधता को बढ़ावा मिलेगा। इसी के साथ ही अब छात्र अपनी मातृ भाषा में अध्ययन कर सकेंगे। उधर, वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय के अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. प्रदीप कुमार का कहना है मुक्त विश्वविद्यालय की यह सार्थक पहल है। इससे स्थानीय बुंदेली भाषा काे बढ़ावा मिलेगा। बुंदेली भाषा एक समृद्ध भाषा है। अब नए सत्र के पाठ्यक्रम में एमए हिन्दी के छात्र बुंदेली भाषा की भी पढ़ाई करेंगे। इससे छात्रों को अपनी बुंदेली भाषा को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत्यकाम ने इसको लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। कहा है कि प्रवेश सत्र जुलाई 2025 में यह संशोधित पाठ्यक्रम शिक्षार्थियों के लिए उपलब्ध होगा। उत्तर प्रदेश राज्य की स्थानीय बोलियों भोजपुरी, अवधी, ब्रज और बुंदेलखंडी को उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्रवाई में स्थान देने के बाद अब मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इससे भाषाई विविधता को बढ़ावा मिलेगा। इसी के साथ ही अब छात्र अपनी मातृ भाषा में अध्ययन कर सकेंगे। उधर, वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय के अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. प्रदीप कुमार का कहना है मुक्त विश्वविद्यालय की यह सार्थक पहल है। इससे स्थानीय बुंदेली भाषा काे बढ़ावा मिलेगा। बुंदेली भाषा एक समृद्ध भाषा है। अब नए सत्र के पाठ्यक्रम में एमए हिन्दी के छात्र बुंदेली भाषा की भी पढ़ाई करेंगे। इससे छात्रों को अपनी बुंदेली भाषा को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।
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