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फर्जी बिलोें के कारोबार से वाणिज्यकर को लाखों का चूना

Thu, 18 Jun 2015 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
अमर उजाला ब्यूरो महोबा। Updated Thu, 18 Jun 2015 11:11 PM IST
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Biloen Wanijykr millions of bogus businesses lime
 पत्थर मंडी में सेलटैक्स के फर्जी बिलों के सहारे जमकर स्टोन ग्रिट की निकासी की जा रही है जिससे वाणिज्यकर विभाग को लाखों रुपये का चूना लग रहा है। वहीं वाणिज्यकर विभाग फर्जी बिलों की चेकिंग न कर उनके अवैध बिलिंग कारोबार को संरक्षण दे रहा है।
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स्टोन क्रेशर यूनियन के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह द्वारा आयुक्त वाणिज्य कर को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि कबरई पत्थर मंडी से प्रतिदिन दो हजार ट्रक स्टोन ग्रिट की निकासी होती है। प्रत्येक माल की निकासी पर संबंधित स्टोन क्रेशर से माल बिक्री कर सेल टैक्स बिल लेना जरूरी होता है। ताकि रास्ते में माल को टैक्स पेड दिखाया जा सके और माल गंतव्य तक पहुंच सके। स्टोन ग्रिट में पांच फीसदी वाणिज्यकर लगता है। एक ट्रक गिट्टी पर एक हजार रुपये वाणिज्यकर का बनता है, लेकिन मंडी में  बैठे दलाल एमएम11 के साथ 100 रुपये में ही फर्जी बिल ट्रक चालकों को पकड़ा देते हैं। साथ ही क्रेशर पहुंचने पर ट्रक बिल नहीं लेते। जिससे क्रेशर मालिकों को बिलोें के बारे में पता लगाने को मजबूर होना पड़ता है। अध्यक्ष ने बताया कि कबरई कानपुर रोड पर खनिज चेक पोस्ट के पास बांदा रोड पर चाय की दुकानों में साथ ही पचपहरा मोड़ पर हर दुकान में पान गुटखा की तरह फर्जी सेलटैक्स के बिल ट्रक चालकों को मामूली रकम देने पर मिल जाते हैं। वाणिज्यकर विभाग का सचल दल महकमा दिन रात मशक्कत करने के बाद भी फर्जी बिल लेकर चलने वालों को नहीं पकड़  पाता है। इस प्रकार मंडी में हर माह वाणिज्यकर को लाखों रुपये का चूना फर्जी बिलों से माल निकासी पर लगाया जा रहा है, साथ ही रायल्टी की फुटकर बिक्री से ट्रक चालकों को लाभ मिल जाता है। जबकि नियम क्रेशर से माल के साथ बिल और रायल्टी लेने का है। पिछले साल यहां भारी मात्रा में बांदा रोड पर एवं कानपुर रोड पर फर्जी बिल और रायल्टी का भंडाफोड़ हुआ था।  फिर भी महकमे ने कोई कार्रवाई नहीं  की जिससे यहां दलालों के हौसले बुलंद हैं। इस संबंध में वाणिज्यकर के असिस्टेंट कमिश्नर  राजीव पांडेय का कहना है कि जिले में ऐसी छापामार कार्रवाई के लिए सचल दस्ता की इकाई कार्यरत है जिन्हें फर्जी बिलोें के मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करने को कहा गया है। पूर्व में मामले संज्ञान में आने पर थानों में रिपोर्ट पंजीकृत कराकर वे दलालों को जेल भी भिजवा चुके हैं।
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सक्रिय हैं अवैध रायल्टी बिक्री के दलाल
व्यापार मंडल के महामंत्री बनवारी लाल गुप्ता ने बताया कि रायल्टी केवल माल के साथ क्रेशर से ही लेने का प्रावधान हैं, लेकिन रायल्टी का गोरखधंधा करने वाले दलाल डहर्रा, गौहारी, बघवा, पचपहरा, गंज, पहरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में हर दुकान में फुटकर रायल्टी की बिक्री धडल्ले से कराते हैं। जिन पर कोई कार्रवाई न होने से यह धंधा फल फूल रहा है।
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