फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Around 8,000 borrowers could get relief due to the High Court's order.

Mahoba News: हाईकोर्ट के आदेश से करीब आठ हजार ऋणधारकों को मिल सकती राहत

Sat, 25 Jul 2026 11:17 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:17 PM IST
विज्ञापन
Around 8,000 borrowers could get relief due to the High Court's order.
महोबा/चरखारी। बैंक ऋण न चुका पाने वाले किसानों को राहत मिल सकती है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि बैंक मूलधन के दोगुने से अधिक वसूली न करें। इस आदेश से जिले के आठ हजार से ज्यादा बकायेदारों को लाभ मिल सकता है। दरअसल कई किसानों का ऋण चार गुना तक बढ़ गया है।
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की ओर से महोबा के किसान बैजनाथ को दिए गए 50 हजार रुपये के ऋण के ब्याज समेत करीब 3.5 लाख रुपये होने पर गंभीर चिंता जताई। हाईकोर्ट ने दोगुने से अधिक की वसूली न करने और बैंक व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि समिति की रिपोर्ट आने तक बैंक किसी भी कर्जदार से मूलधन से दोगुनी राशि से अधिक वसूली नहीं करेगा। समिति ब्याज दर, ऋण वसूली, किसानों की ऋण क्षमता, भूमि रिकाॅर्ड व बैंकिंग व्यवस्था की खामियों की समीक्षा करेगी। कोर्ट ने कहा कि कर्जदारों के किस्त में भुगतान के अनुरोध पर बैंक को सहानुभूतिपूर्वक विचार करना होगा।
विज्ञापन

हाईकोर्ट के इस आदेश से बैंकों के बकायेदार किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। जनपद में कई किसान ऐसे हैं जिनका बैंक ऋण बढ़कर तीन से चार गुना तक हो गया है। किसान बैंक के कर्ज की अदायगी को लेकर परेशान हैं। तहसील महोबा में भी आठ ऐसे बड़े बकायेदार हैं जिन पर कार्रवाई प्रस्तावित है। तहसील कुलपहाड़ क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में किसान बैंकों के बकायेदार हैं। इंडियन बैंक शाखा कुलपहाड़ में 234, इंडियन बैंक शाखा मसूदपुरा में 752, एसबीआई कुलपहाड़ में 27, एसबीआई जैतपुर में 752, आर्यावर्त बैंक भरवारा में 70 और ग्राम विकास बैंक कुलपहाड़ में 51 किसान ऋण बकायेदार हैं। ऋण की समय पर अदायगी न करने पर बैंकों की ओर से तहसील प्रशासन को मामले भेजे गए हैं। इसमें करीब 240 किसानों के नाम शामिल हैं। तहसील चरखारी क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसानों ने बैंकों से कर्ज ले रखा है। यहां ढाई हजार से अधिक किसान बैंकों के बकायेदार हैं। बैंकों की ओर से बड़े बकायेदारों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। तहसीलदार रामानंद मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में बड़े बकायेदारों की जमीन कुर्क करने की कार्रवाई प्रस्तावित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस-एक
लिया चार लाख, अब 28 लाख के बकायेदार
कुलपहाड़। कर्ज का मर्ज किसानों के लिए सिरदर्द बन गया है। तहसील कुलपहाड़ के रिछा गांव निवासी किशोरीलाल ने वर्ष 2002 में इंडियन बैंक की मसूदपुरा शाखा से ट्रैक्टर के लिए चार लाख रुपये का ऋण लिया था। समय पर ऋण की अदायगी नहीं हो सकी। बीते 24 सालों में ब्याज बढ़ता गया। चार लाख का ऋण लेने वाले किसान किशोरी लाल अब बैंक के 28,79,251 रुपये के बकायेदार हो गए हैं। वहीं कुलपहाड़ के हरप्रसाद ने वर्ष 2006 में इंडियन बैंक से चार लाख रुपये का ऋण लिया था जो वर्तमान में 16,48,826 रुपये के बकायेदार हैं। टिकरिया गांव के संतराम ने वर्ष 2004 में इंडियन बैंक से ट्रैक्टर के लिए 2,10,000 रुपये ऋण लिया था जो अब 10,15,325 रुपये हो गया है। टिकरिया के रूप सिंह ने इंडियन बैंक की मसूदपुरा शाखा से ट्रैक्टर के लिए 3,84,600 रुपये का ऋण लिया था जो अब 30,46,684 रुपये हो गया है। (संवाद)


केस-दो
90 हजार का ऋण बढ़कर हुआ 2.84 लाख
श्रीनगर। ब्लॉक कबरई के हिलुआ गांव निवासी किसान छोटेलाल ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की ननौरा शाखा से 70 हजार रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था। इसके अलावा बैंक की ओर से किसान को एक पंपिंग मशीन के लिए भी ऋण दिया था। इस तरह किसान पर कुल मिलाकर 90 हजार रुपये का ऋण हो गया। समय पर अदायगी न करने पर ब्याज बढ़ता गया। पिछले दिनों बैंक की ओर से किसान को 2.84 लाख का नोटिस भेजा गया। समय पर कर्ज अदा न होने पर बैंक ने मामले को राजस्व विभाग को भेजा। इसके बाद तहसील प्रशासन ने किसान छोटेलाल की जमीन कुर्क करने की कार्रवाई की। कुर्की के बाद किसान को 30 दिन का समय तहसील प्रशासन की ओर से दिया गया। इस बीच किसान ने बैंक में बकाया रुपये जमा करके अपनी जमीन को रिलीज कराया। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed