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टैग देखकर पहचानी जाएंगी अन्ना और पालतू गाय
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कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करते डीएम
- फोटो : MAHOBA
महोबा। शहर की सड़कों पर अब अन्ना गोवंश और पालतू को दूर से देखकर ही पहचाना जा सकेगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने एक नई पहल की है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने अन्ना गोवंश के लिए लाल या काले रंग का टैग उपलब्ध कराने के लिए प्रमुख सचिव पशुधन को पत्र लिखा है।
बुंदेलखंड में अन्ना गोवंश किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या है। जो सैकड़ों बीघा फसल चौपट कर देते हैं। वहीं सड़कों पर राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं जिससे दुर्घटनाओं में लोग घायल हो जाते हैं।
बैठकों में जिम्मेदार ऐसे गोवंशों को पालतू बताकर पल्ला झाड़ लेते थे। जिलाधिकारी ने अन्ना और पालतू गोवंश की पहचान के लिए प्रमुख सचिव पशुधन को पत्र लिखकर लाल या काले रंग के टैग आपूर्ति किए जाने की मांग की है। जिससे अन्ना गोवंश को आसानी से पहचाना जा सके।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि शासन द्वारा पशुओं को पीले रंग का टैग लगाया जा रहा है। जिसमें जनपद में 1,13,326 गोवंशीय को और 1,07,472 महिषवंशीय को टैग लगाया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शासन को पत्र लिखा है। नया टैग मिलने पर गोवंश को लगाया जाएगा। जिससे अन्ना और पालतू गोवंश को आसानी से पहचाना जा सकेगा।
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बुंदेलखंड में अन्ना गोवंश किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या है। जो सैकड़ों बीघा फसल चौपट कर देते हैं। वहीं सड़कों पर राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं जिससे दुर्घटनाओं में लोग घायल हो जाते हैं।
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बैठकों में जिम्मेदार ऐसे गोवंशों को पालतू बताकर पल्ला झाड़ लेते थे। जिलाधिकारी ने अन्ना और पालतू गोवंश की पहचान के लिए प्रमुख सचिव पशुधन को पत्र लिखकर लाल या काले रंग के टैग आपूर्ति किए जाने की मांग की है। जिससे अन्ना गोवंश को आसानी से पहचाना जा सके।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि शासन द्वारा पशुओं को पीले रंग का टैग लगाया जा रहा है। जिसमें जनपद में 1,13,326 गोवंशीय को और 1,07,472 महिषवंशीय को टैग लगाया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शासन को पत्र लिखा है। नया टैग मिलने पर गोवंश को लगाया जाएगा। जिससे अन्ना और पालतू गोवंश को आसानी से पहचाना जा सकेगा।