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Mahoba News: अमृत-2.0 पेयजल परियोजना दो साल बाद भी कागजों पर
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महोबा। शहर में करीब 192 करोड़ की लागत से प्रस्तावित अमृत 2.0 योजना दो साल बाद भी कागजों तक ही सीमित है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद भी धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका। मुख्यालय के करीब 10 मोहल्लों में पेयजल संकट बरकरार है। इन इलाकों में टैंकरों से पेयजल की सप्लाई नहीं हो पा रही है। इससे लोग पेयजल के लिए परेशान हो रहे हैं।
फिलहाल उर्मिल बांध से शहर के करीब 10,355 कनेक्शन धारकों को आपूर्ति दी जाती है। शहर की आबादी करीब डेढ़ लाख है। उर्मिल बांध का पानी आधी आबादी तक ही पहुंच पा रहा है। शेखूनगर, नयापुरा नैकाना, लवकुशनगर रोड, फतेहपुर बजरिया, यशोदा नगर समेत करीब 10 मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति नहीं पहुंच पा रही है। पेयजल संकट वाले इलाकों में जरूरत के अनुरूप कबरई बांध से पानी आपूर्ति करने की योजना करीब दो साल पहले बनाई गई थी। प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत 192 करोड़ की लागत से शहर के निकट ग्राम बिलबई के नजदीक स्थित केंद्रीय विद्यालय के पास वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए स्थान चिह्नित किया गया है।
इसमें पानी शोधित होना है और यहां से शहर को आठ जोन में बांट कर महोबा मुख्यालय को आपूर्ति दी जाना है। पेयजल प्रभावित इलाकों के साथ विस्तारित आबादी के लिए 307 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का जाल भी बिछाया जाना प्रस्तावित है और इसके तहत करीब 21 हजार घरों में पेयजल के नए कनेक्शन दिए जाना है। बाजवूद इसके अभी तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम धरातल पर शुरू नहीं हो सका।
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फिलहाल उर्मिल बांध से शहर के करीब 10,355 कनेक्शन धारकों को आपूर्ति दी जाती है। शहर की आबादी करीब डेढ़ लाख है। उर्मिल बांध का पानी आधी आबादी तक ही पहुंच पा रहा है। शेखूनगर, नयापुरा नैकाना, लवकुशनगर रोड, फतेहपुर बजरिया, यशोदा नगर समेत करीब 10 मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति नहीं पहुंच पा रही है। पेयजल संकट वाले इलाकों में जरूरत के अनुरूप कबरई बांध से पानी आपूर्ति करने की योजना करीब दो साल पहले बनाई गई थी। प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत 192 करोड़ की लागत से शहर के निकट ग्राम बिलबई के नजदीक स्थित केंद्रीय विद्यालय के पास वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए स्थान चिह्नित किया गया है।
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इसमें पानी शोधित होना है और यहां से शहर को आठ जोन में बांट कर महोबा मुख्यालय को आपूर्ति दी जाना है। पेयजल प्रभावित इलाकों के साथ विस्तारित आबादी के लिए 307 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का जाल भी बिछाया जाना प्रस्तावित है और इसके तहत करीब 21 हजार घरों में पेयजल के नए कनेक्शन दिए जाना है। बाजवूद इसके अभी तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम धरातल पर शुरू नहीं हो सका।
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