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महोबा : शादी में घोड़ी चढ़ने की मांगी अनुमति, भीम आर्मी का मिला साथ
Mon, 31 May 2021 01:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, कनकुआ (महोबा)।
अमर उजाला नेटवर्क, कनकुआ (महोबा)।
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 31 May 2021 01:54 AM IST
सार
- आजादी के बाद से आज तक माधवगंज गांव से घोड़ी पर नहीं निकली अनुसूचित जाति की कोई बरात
- सोशल मीडिया के माध्यम से दूल्हे ने विभिन्न संगठनों से मांगा सहयोग
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
थाना महोबकंठ के एक गांव माधवगंज के युवक ने अपनी आवाज बुलंद की है। अपनी शादी में घोड़ी पर चढ़ने को लेकर पुलिस से इजाजत मांगी है जिससे वह अपनी बरात धूमधाम से गाजे-बाजे के साथ निकाल सके। माधवगंज गांव में आजादी के बाद से आज तक शादी के दौरान कोई भी अनुसूचित जाति का युवक घोड़ी नहीं चढ़ा। हर कोई बरात सादगी के साथ ले जाता हैं।
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इस परंपरा को तोड़ने के लिए गांव के अलखराम अहिरवार ने आवाज बुलंद की है। उसकी शादी 18 जून को तय हुई है जिसमें अलखराम ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट अपलोड की जिसमें लिखा कि वह अपनी बरात को घोड़ी में बैठकर निकालना चाहता है। पोस्ट वायरल होने पर भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष आकाश रावण ने गांव पहुंच अलखराम व उनके परिजनों से मुलाकात की और 18 जून को बरात घोड़ी पर ही निकलने का आश्वासन दिया।
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ऐसे में माना जा रहा है कि बरात के दौरान भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की संख्या अधिक रहेगी। उधर थानाध्यक्ष महोबकंठ सुनील तिवारी का कहना है कि अलखराम का प्रार्थना पत्र मिला है। मौके पर जाकर जांच कर मामला देखा जाएगा और सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
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