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कुपोषण पीड़ित एक दर्जन बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती
ब्यूरो/अमर उजाला महाेबा
Updated Fri, 26 Jun 2015 11:29 PM IST
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शासन के लाख प्रयास के बाद भी कुपोषण पर रोक नहीं लग पा रही है। शुक्रवार को दस से ज्यादा गांव के एक दर्जन कुपोषित बच्चे जिला अस्पताल पहुंचने पर अधिकारियों की नींद उड़ गई। जिलाधिकारी द्वारा समय- समय पर अधिकारियों की बैठक के साथ बच्चों को पोषाहार के अलावा अन्य आहार दिए जाने के निर्देश दिए गए थे। वहीं अभी दो दिन पहले ही जिलाधिकारी ने कुपोषण मिशन की समीक्षा भी की थी। अस्पताल पहुंचे बच्चों के उपचार में डाक्टरों की टीम जुट गई है।
मालूम हो कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए कृतिशोध संस्थान काम कर रही है। कुछ गांव में संस्था ने कुपेषित बच्चों को चयनित कर उनका इलाज भी कराया जाता है इसके बाद भी कुपोषण पर रोक नहीं लग पा रही है, यही वजह है कि कुपोषण से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा भी गांव गावं में कार्यक्रम आयोजित कर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए नियमित पोषाहार दिए जाने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन इस पर कोई अमल नहीं हो रहा है। शुक्रवार को एक दर्जन से ज्यादा बच्चे कुपोषण से पीड़ित पाए जाने पर अधिकारियों के आदेश की पोल खुल गई। गोपाल दो पुत्र जगमोहन निवासी ग्राम शाहपहाड़ी, सनी चार पुत्री हरिशंकर निवासी पसवारा, भानु पांच पुत्र उलासी सिंह निवासी बिलरही छाया एक पुत्री चंद्रभान, दीपिका चार पुत्री मुलायम सिंह, डेढ़ वर्ष की माही पुत्री मुन्ना राजपूत निवासीगण किड़ारी, प्रीति ढाई वर्ष पुत्री चंद्रपाल निवासी भरवारा, भारती दो पुत्री चंद्रशेखर निवासी भरवारा, प्रार्थना पुत्री राजेश पटेल निवासी रामूपुरा, मनीष एक पुत्र रामबिहारी, रवींद्र एक पुत्र ब्रजगोपाल निवासीगण ग्राम छतवारा आदि कुपोषण से पीड़ित बच्चे शामिल हैं।
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मालूम हो कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए कृतिशोध संस्थान काम कर रही है। कुछ गांव में संस्था ने कुपेषित बच्चों को चयनित कर उनका इलाज भी कराया जाता है इसके बाद भी कुपोषण पर रोक नहीं लग पा रही है, यही वजह है कि कुपोषण से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा भी गांव गावं में कार्यक्रम आयोजित कर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए नियमित पोषाहार दिए जाने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन इस पर कोई अमल नहीं हो रहा है। शुक्रवार को एक दर्जन से ज्यादा बच्चे कुपोषण से पीड़ित पाए जाने पर अधिकारियों के आदेश की पोल खुल गई। गोपाल दो पुत्र जगमोहन निवासी ग्राम शाहपहाड़ी, सनी चार पुत्री हरिशंकर निवासी पसवारा, भानु पांच पुत्र उलासी सिंह निवासी बिलरही छाया एक पुत्री चंद्रभान, दीपिका चार पुत्री मुलायम सिंह, डेढ़ वर्ष की माही पुत्री मुन्ना राजपूत निवासीगण किड़ारी, प्रीति ढाई वर्ष पुत्री चंद्रपाल निवासी भरवारा, भारती दो पुत्री चंद्रशेखर निवासी भरवारा, प्रार्थना पुत्री राजेश पटेल निवासी रामूपुरा, मनीष एक पुत्र रामबिहारी, रवींद्र एक पुत्र ब्रजगोपाल निवासीगण ग्राम छतवारा आदि कुपोषण से पीड़ित बच्चे शामिल हैं।
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