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आपसी सुलह समझौते से निपटाएं मामले- एडीजे
Mahoba
Updated Sat, 22 Sep 2012 12:00 PM IST
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श्रीनगर (महोबा)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में प्राथमिक विद्यालय कुल्लाई पहाड़ी में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया जहां पर ग्रामीणाें को कानून की जानकारी दी गई। इस मौके पर अपर जिला जज विजय कुमार उपाध्याय ने कहा कि छोटे मामलाें को आपसी सुलह समझौते से निपटा लेना चाहिए। इससे अदालताें पर मुकदमाें का भार भी कम पड़ता है और अनावश्यक खर्च से भी निजात मिलती है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू हो गया है। इसका सभी को लाभ उठाना चाहिए और बच्चाें को स्कूल भेजकर शिक्षा ग्रहण कराएं। जिससे वह बुढ़ापे का सहारा बनें। उन्हाेंने कहा कि समय-समय पर विधिक साक्षरता शिविर गांव-गांव और कसबों में आयोजित कर उन्हें कानून की जानकारी दी जाती है। जिससे वह अपने अधिकाराें को समझें और कानून की जानकारी का लाभ उठाएं। सिविल जज सीनियर डिवीजन राकेश वर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश के तहत हम लोग गांव-गांव में पहुंचकर लोगाें को कानून की जानकारी दे रहे हैं। जिससे उनका उत्पीड़न न हो सके। तहसीलदार महोबा ज्ञानचंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार ने दो प्रकार की बीमा योजनाएं लागू की हैं। भूमिहीन लोगाें को बीमा योजना के तहत मृत्यु होने पर बीमा कंपनी 30 हजार रुपए का भुगतान करती है। वहीं किसान की मृत्यु होने पर एक लाख की आर्थिक सहायता बीमा कंपनी द्वारा दी जाती है। उन्हाेंने कहा कि योजनाआें की जानकारी न होने से लोगाें को लाभ नहीं मिल पाता है। इस मौके पर राजेंद्र कुमार सुल्लेरे, केशव शुक्ला, इशरत अली, लोचन सिंह, लालता प्रसाद सक्सेना, रमाकांत धुरिया, अजय सिंह, जागेश्वर यादव और पूर्व प्रधान देवी सिंह मौजूद रहे।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू हो गया है। इसका सभी को लाभ उठाना चाहिए और बच्चाें को स्कूल भेजकर शिक्षा ग्रहण कराएं। जिससे वह बुढ़ापे का सहारा बनें। उन्हाेंने कहा कि समय-समय पर विधिक साक्षरता शिविर गांव-गांव और कसबों में आयोजित कर उन्हें कानून की जानकारी दी जाती है। जिससे वह अपने अधिकाराें को समझें और कानून की जानकारी का लाभ उठाएं। सिविल जज सीनियर डिवीजन राकेश वर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश के तहत हम लोग गांव-गांव में पहुंचकर लोगाें को कानून की जानकारी दे रहे हैं। जिससे उनका उत्पीड़न न हो सके। तहसीलदार महोबा ज्ञानचंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार ने दो प्रकार की बीमा योजनाएं लागू की हैं। भूमिहीन लोगाें को बीमा योजना के तहत मृत्यु होने पर बीमा कंपनी 30 हजार रुपए का भुगतान करती है। वहीं किसान की मृत्यु होने पर एक लाख की आर्थिक सहायता बीमा कंपनी द्वारा दी जाती है। उन्हाेंने कहा कि योजनाआें की जानकारी न होने से लोगाें को लाभ नहीं मिल पाता है। इस मौके पर राजेंद्र कुमार सुल्लेरे, केशव शुक्ला, इशरत अली, लोचन सिंह, लालता प्रसाद सक्सेना, रमाकांत धुरिया, अजय सिंह, जागेश्वर यादव और पूर्व प्रधान देवी सिंह मौजूद रहे।
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